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Dukaan: ”दुकान” तो सजी लेकिन सौदा ही कमजोर

भव्यता से सजी दुकान

Bollywood Movie Reviews
Dukaan : IMDB Critic Review
Cast - Monika Panwar, Monali Thakur, Insane Ashraf, Vrajesh Hirjee, Sikandar Kher,
Director - Siddharth Singh, Garima Wahal
Producer - Siddharth Singh, Garima Wahal, Srujan Yarabolu,
Runtime 122 minutes
RATING 2/5
GAAM GHAR News

Entertainment / Bollywood Movie Reviews : फिल्म दुकान मदर सेरोगेसी जैसी शानदार मुद्दे पर बनी फिल्म है । लेकिन फिल्म का नाम फिल्म की कहानी को सार्थक नहीं कर पा रहा है, फिल्म की ये एक बहुत बड़ी कमी है । फिल्म के नाम से ऐसा प्रतीत होता है जैसे कोई अय्याशी के लिए किसी तरह धंधा कर रहा है जबकि मुद्दा कुछ और है । फिल्म की कहानी जैसमिन के इर्द-गिर्द घूमती है जो बहुत कम उम्र में ही सेरोगेसी मदर बनती है, जैसमिन की शादी भी उससे दुगुने उम्र के मर्द के साथ होती है ।

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फिल्म में जैसमिन सेरोगेट मदर के रूप में एक बच्चे को जन्म देती है जिस बच्चे से उसे बहुत प्यार हो जाता है और जैसमिन बच्चे को इसके माता-पिता को नहीं देने का निश्चय करती है और भाग जाती है । लेकिन बच्चे के माता-पिता पुलिस कंप्लेन करते हैं और जैसमिन को जेल हो जाती है जब जैसमिन जेल से बाहर आती है तो बच्चे को फिर से हासिल करने की कोशिश करती है लेकिन इसके लिए उसके माता-पिता तैयार नहीं होते हैं इसी कशमकश में फिल्म आगे बढ़ती है। फिल्म को भव्य बनाने की पूरी कोशिश की गई है चाहे कलाकारों का परिधान हो या सिनेमैटोग्राफर द्वारा अलग-अलग एंगल से लिया गया शॉट ।फिल्म में एक मां के रूप में जो दर्द, जो तड़प दिखना चाहिए वो दिखाने में निर्देशक सिद्धार्थ और गरीमा नाकाम रहे हैं । फिल्म की कहानी भी अपने वास्तविक मुद्दे से भटक जाती है चुकी फिल्म के लेखक भी सिद्धार्थ और गरीमा ही हैं तो यही कहा जा सकता है कि दोनों सिद्धार्थ और गरीमा लेखन और निर्देशन दोनो ही स्तर पर नाकाम रहे हैं । फिल्म के किरदार की बात करें तो फिल्म के किरदार भी अपनी जिम्मेदारी निभाने में चुके हैं खासकर जैसमिन में वो दर्द, वो तड़प नहीं दिखा जो एक मां के अंदर अपने बच्चों के लिए होती है ।बाकी जितने भी सह कलाकार थे उन्होंने भी मध्यम अदाकारी ही कर पाए साफ तौर पर कहें तो जितना बड़ा आकाश मिला परिंदा उतना ही नादान निकाला । फिल्म संगीत भी कुछ खास नहीं है जो लोगों पर अपना असर छोड़ पाती । सिद्धार्थ कुछ बड़े बैनर तले कुछ भव्य फिल्म निर्माण का हिस्सा रहे हैं तो शायद उन्होंने ये सोचा होगा कि भव्यता के दम पर फिल्म निकाल लेंगे लेकिन फिल्म औसत भी नहीं बन पाई । फिल्म सेरोगेसी जैसी मुद्दे पर बनी है तो शायद फिल्म को अच्छे दर्शक मिल जाएंगे । फिल्म संवाद भी कुछ जगह बड़बोलेपन जैसा लगता है लेकिन फिल्म है तो इतना चलता है । अगर फिल्म के रेटिंग की बात करें तो फिल्म को 2 स्टार मिलना चाहिए । (This review is featured in IMDb Critics Reviews)

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Ashok Ashq

Ashok ‘’Ashq’’, Working with Gaam Ghar News as a Co-Editor. Ashok is an all rounder, he can write articles on any beat whether it is entertainment, business, politics and sports, he can deal with it.

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