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वाइफ शेयरिंग रैकेट का पर्दाफाश, एक महिला के साथ तीन पुरूष।

पुलिस ने वाइफ स्वैपिंग यानि एक दूसरे की पत्नियों की अदला बदली कर शारीरिक संबंद बनाने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है. रैकेट कितना बड़ा था इसका अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाइये कि एक शेयर में एक हजार जोड़े इसमें शामिल थे।

दरअसल केरल के कोट्टायम जिले में एक महिला ने करुकचल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करायी. महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति ने ही उसे दूसरे पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया. महिला ने पुलिस में शिकायत की कि उसके साथ जबरन अननैचुरल सेक्स किया गया. महिला ने ये भी जानकारी दी कि एक बड़ा रैकेट चल रहा है जिसका एक मेंबर उसका पति भी है. शिकायत मिलने के बाद हरकत में आय़ी पुलिस ने आरोपी पति को धर दबोचा. उससे कड़ाई से पूछताछ हुई तो बड़े नेटवर्क का खुलासा हो गया.  कोट्टायम पुलिस कह रही है कि इस रैकेट से 1000 कपल्स जुड़े हुए हैं. पुलिस ने रैकेट चलाने वाले 7 लोगों को हिरासत में लिया. 25 लोगों की छानबीन की जा रही है, इस रैकेट में शामिल कई और लोगों की गिरफ्तारी होनी है. पुलिस कार्रवाई कर रही है.

सोशल मीडिया के जरिये चल रहा था खेल

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कोट्टायम पुलिस ने वाइफ स्वैपिंग रैकेट से जुड़े लोगों को कई जिलों से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कोट्टायम के अलावा पथनमथिट्‌टा और अलापुझा जिले से भी रैकेट के मेंबरों को गिरफ्तार किया है. उनसे पूछताछ हुई तो पता चला कि ये रैकेट फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये चलाया जा रहा था, जिसमें कई हाई प्रोफाइल लोग भी शामिल हैं.

पत्नियों की करते थे अदला-बदली

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पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिये ग्रुप तैयार किया जाता था. इस रैकेट में शामिल लोग फेक सोशल मीडिया अकाउंट का उपयोग करते है. लेकिन ग्रुप में शामिल लोग एक दूसरे की असलियत जानते थे. रैकेट में शामिल कपल्स की मीटिंग होती थी. इस मीटिंग के दौरान ही एक दूसरे की पत्नियों की अदला बदली यानि एक्सचेंज किया जाता था. कई दफे तो एक महिला को तीन पुरूष शेयर करते थे. कई सिंगल लड़के भी ग्रुप में शामिल हो गये थे जो दूसरे पुरूष की पार्टनर को शेयर करने के लिए मोटी रकम खर्च करते थे.

रैकेट में शामिल मेंबर प्राइवेटली भी पत्नियों का एक्सचेंज करते थे. यानि ग्रुप का एक मेंबर दूसरे मेंबर से सीधे संपर्क कर पत्नियों की अदला बदली करता था. पुलिस ने कहा कि इस रैकेट के लोग सबसे ज्यादा फेसबुक के जरिये ऑपरेट कर रहे थे. चूंकि ज्यादातर लोग फेक अकाउंट के जरिये ऑपरेट कर रहे थे लिहाजा सभी की पहचान कर उन तक पहुंच पाने में वक्त लग सकता है. पुलिस को शक है कि इस रैकेट के तार देश के दूसरे राज्यों में भी फैले हो सकते हैं. उन तमाम बिंदुओं की छानबीन की जा रही है.

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Gaam Ghar

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