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फाइटर ‘पूजा तोमर’ ने इतिहास रचा, UFC में जीत दर्ज कर बनीं पहली भारतीय

Ultimate Fighting Championship : पूजा तोमर ‘Pooja Tomar’ ने भारतीय मिश्रित मार्शल आर्ट्स (MMA) में एक नया इतिहास रचा है। वह अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (UFC) में जीत दर्ज करने वाली भारत की पहली महिला फाइटर ‘Fighter’ बन गई हैं। यह ऐतिहासिक जीत उन्होंने यूएफसी लुइसविले में शनिवार को हासिल की। स्ट्रॉवेट (52 किग्रा) श्रेणी में हुए इस मुकाबले में उन्होंने ब्राजील की रेयान डॉस सैंटोस को 30-27, 27-30, 29-28 से विभाजित निर्णय के माध्यम से पराजित किया।


पूजा तोमर के लिए यह एक विशेष अवसर था क्योंकि यह उनका पहली बार यूएफसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेना था। अपनी अद्वितीय तैयारी और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने इस महत्वपूर्ण मुकाबले में जीत हासिल की। यह न केवल उनके लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

पूजा तोमर की इस जीत ने भारतीय MMA के क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगाई है। उनकी इस जीत से देश के अन्य युवा फाइटर्स को भी प्रेरणा मिलेगी और वे भी इस खेल में अपना करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। पूजा की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला फाइटर्स भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला कर सकती हैं और जीत हासिल कर सकती हैं।

रेयान डॉस सैंटोस के खिलाफ हुए इस मुकाबले में पूजा ने अपनी उत्कृष्टता और रणनीति का प्रदर्शन किया। मुकाबला बेहद करीबी था, लेकिन पूजा की दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत ने उन्हें विजेता बना दिया। उनके इस प्रदर्शन के बाद, यह निश्चित है कि वे भविष्य में भी और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगी और देश का नाम रोशन करेंगी।

इस जीत के बाद, पूजा तोमर भारतीय MMA समुदाय में एक रोल मॉडल बन गई हैं। उनकी इस सफलता ने साबित कर दिया है कि यदि मेहनत और आत्मविश्वास हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। देश भर में उनके प्रशंसक और समर्थक उनकी इस उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।

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‘पूजा’ ने क्या कहा?
इतिहास रचने के बाद पूजा तोमर ने अपनी जीत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “यह केवल मेरी जीत नहीं है। यह भारत के सभी प्रशंसकों और भारतीय फाइटरों की जीत है। इससे पहले सभी सोचा करते थे कि भारतीय फाइटर चुनौती पेश नहीं कर सकते हैं। मैं केवल जीत के बारे में सोच रही थी और मैंने दिखाया कि भारतीय फाइटर हारने वालों में शामिल नहीं हैं।”

उनके इस बयान ने भारतीय फाइटरों और प्रशंसकों के बीच एक नई ऊर्जा और उत्साह भर दिया है। पूजा ने यह भी बताया कि उनकी यह जीत केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की जीत है। उनकी यह सफलता दिखाती है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ भारतीय फाइटर भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। पूजा ने अपनी इस ऐतिहासिक जीत को देश के सभी प्रशंसकों और समर्थकों को समर्पित किया है।

‘साइक्लोन’ के नाम से मशहूर 30 वर्षीय पूजा तोमर ने पिछले साल अक्टूबर में UFC के साथ अनुबंध किया था, जिससे वह मिश्रित मार्शल आर्ट्स (MMA) की सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली भारत की पहली महिला बन गईं। इससे पहले, अंशुल जुबली और भरत कंडारे ने UFC में विश्व मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के बुधाना गांव में जन्मी पूजा पांच बार की राष्ट्रीय वुशु चैंपियन हैं और कराटे और ताइक्वांडो में भी भाग लेती रही हैं। उनकी इस विविधतापूर्ण प्रशिक्षण पृष्ठभूमि ने उन्हें MMA में एक सक्षम और बहुमुखी फाइटर बनने में मदद की है।

मुकाबले के बाद पूजा ने अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मुझे जीत की पूरी उम्मीद थी और मैंने काफी आक्रमण किया। लेकिन मैं अपना शत प्रतिशत प्रदर्शन नहीं कर पाई। दूसरे राउंड में मैं दबाव महसूस कर रही थी। मुझे अभी काफी सुधार करने की जरूरत है।”

पूजा का यह बयान उनकी आत्म-विश्लेषण और सुधार की इच्छा को दर्शाता है। उनकी यह जीत न केवल उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, बल्कि इससे भारत में MMA के खेल को भी नई पहचान और प्रोत्साहन मिलेगा। पूजा की इस उपलब्धि ने दिखा दिया है कि भारतीय फाइटर भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं और बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

पूजा ने अपनी इस जीत को भारतीय प्रशंसकों और फाइटरों को समर्पित करते हुए कहा, “यह केवल मेरी जीत नहीं है। यह भारत के सभी प्रशंसकों और भारतीय फाइटरों की जीत है। इससे पहले सभी सोचा करते थे कि भारतीय फाइटर चुनौती पेश नहीं कर सकते हैं। मैं केवल जीत के बारे में सोच रही थी और मैंने दिखाया कि भारतीय फाइटर हारने वालों में शामिल नहीं हैं।”

उनकी इस सफलता से प्रेरित होकर, भविष्य में और भी भारतीय फाइटर UFC और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित होंगे। पूजा तोमर का यह सफर न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय MMA के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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कैसा रहा पूजा और डॉस सेंटोस का मैच?
पूजा तोमर और उनकी विरोधी रेयान डॉस सैंटोस के बीच की फाइट बेहद शानदार और रोमांचक रही। दोनों फाइटर्स ने अपने-अपने दमखम का प्रदर्शन किया, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया।

पहले राउंड में पूजा तोमर ने जबरदस्त किक्स मारकर शुरुआत की और दबदबा बना लिया। उनकी किक्स डॉस सैंटोस के शरीर पर सीधे और प्रभावी तरीके से लग रही थीं। इस राउंड में पूजा ने अपनी कुशलता और आक्रामकता का परिचय दिया।

दूसरे राउंड में डॉस सैंटोस ने वापसी की। वह लगातार आगे बढ़ रही थीं और पूजा को पीछे हटकर वार करने के लिए मजबूर कर रही थीं। इस राउंड में ब्राजीलियाई खिलाड़ी ने भी पूजा की तरह ही लात लगाने की तरकीब अपनाई और इसमें सफल भी रहीं। इस राउंड में डॉस सैंटोस ने अपनी रणनीति और कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे मुकाबला और भी टक्कर का हो गया।

आखिरी राउंड बहुत ही रोमांचक था और दोनों फाइटर्स के बीच बराबरी का रहा। दोनों ने अपनी पूरी ताकत और कुशलता से लड़ाई की। लेकिन आखिर में पूजा ने अपनी रणनीति और धैर्य से तीसरा राउंड जीत लिया। इस जीत के साथ, पूजा तोमर ने UFC में अपनी पहली जीत हासिल की और भारतीय MMA के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा।

पूजा की इस जीत ने साबित कर दिया कि भारतीय फाइटर भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं और जीत हासिल कर सकते हैं। उनकी यह उपलब्धि भारत के अन्य फाइटर्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

Gaam Ghar News Desk

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