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श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी परिवर्तन को लेकर जिला इंटक ने किया प्रदर्शन

सुभाष चन्द्र झा की रिपोर्ट

सहरसा: श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव के खिलाफ सभी केंद्रीय श्रम संगठनों और कर्मचारियों के स्वतंत्र राष्ट्रीय महासंघो के संयुक्त मंच द्वारा लगातार चलाए जा रहे आंदोलन एवं  राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लेकर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटर के द्वारा सोमवार को प्रदर्शन किया गया। इंटक जिला अध्यक्ष सतनारायण चौपाल ने बताया कि अखिल भारतीय श्रम संगठनों के आह्वान पर केंद्र सरकार के नीतियों के विरोध में विशाल प्रदर्शन किया गया।
चौपाल के नेतृत्व में निकले प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्ती लेकर केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि श्रम कानूनों में प्रबंधन पक्षो मे किए गए बदलाव कर चारों लेबर कोर्ट को रद्द करने,श्रम कानूनों को अस्थाई रूप से शिथिल करने, लॉक डाउन की अवधि में किए गए कार्यों का अधिकांश श्रमिकों का मानदेय भुगतान करने, गैर आयकर दाता परिवारों को प्रतिमाह 7500 रुपए आर्थिक सहायता देने, प्रवासी श्रमिकों का अनिवार्य पंजीकरण करने, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी विभागों के निजी करण की नीति पर रोक लगाने, और संगठित कृषि क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों को पेंशन योजना अनिवार्य रूप से लागू करने, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने, लोक उपक्रमों में कार्यरत दैनिक संविदा आउट सोर्स की सेवा को नियमित करने,समान काम के लिए समान वेतन देने, दैनिक मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करने, बिहार में बंद चीनी मिल जूट मिल को चालू करने, मजदूरों का निबंधन लगातार जारी रखने, कार्य अवधि का निर्धारण करने,चाय बागान में कार्यरत मजदूर, बीड़ी श्रमिक को समुचित लाभ देने तथा मनरेगा के तहत रोजगार बढ़ाकर 200 दिन करने तथा न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी करने सहित 16 सूत्री मांगों को लेकर विशाल प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर इंटक जिलाध्यक्ष सत्यनारायण चौपाल,महिला इंटक जिला अध्यक्ष आशा देवी, बुद्धन शर्मा, दुर्गेश पांडे, राजेश कुमार, सरस्वती देवी, अनिल चौधरी,सुकनी देवी,चंदन कुमार, राजेश कुमार, दिवाकर कुमार, मुक्ति देवी, सरिता देवी, राजेश स्वर्णकार, कंचन देवी, कंचन देवी, निर्भया देवी, सुनीता देवी, पुष्पा देवी,पूनम देवी, नंदकुमार चौपाल, ललिता देवी,प्रांजली कुमारी,पुजा देवी,कविता देवी,सुधा देवी,रानी देवी,अमला देवी सहित बड़ी संख्या मे श्रमिक मौजूद थे।

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Gaam Ghar

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