शिक्षासमस्तीपुरसमाचार

समस्तीपुर; शिक्षक अंतर-जिला स्थानांतरण, ई-शिक्षाकोष में 5 विकल्प अनिवार्य

शिक्षकों के अंतर-जिला स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी, विभाग ने समस्तीपुर को भेजी विस्तृत मार्गदर्शिका ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 5 प्रखंडों का विकल्प देना अनिवार्य

समस्तीपुर : बिहार के शिक्षकों के लंबे समय से लंबित अंतर-जिला स्थानांतरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा विभाग ने समस्तीपुर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को विस्तृत मार्गदर्शिका भेज दी है। इस मार्गदर्शिका के आधार पर जिले में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों-शिक्षिकाओं का प्रखंड एवं विद्यालय आवंटन किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाएगा।

ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर देना होगा 5–5 प्रखंड का विकल्प

जिन शिक्षकों को अंतर-जिला स्थानांतरण के तहत नया जिला आवंटित किया गया है, उन्हें अब आवंटित जिले के भीतर अपनी पसंद के 5 प्रखंडों का चयन करना अनिवार्य होगा। यह चयन ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा।
शिक्षकों को 24 नवंबर से 5 दिसंबर 2024 तक अपने लॉगिन से पोर्टल पर जाकर यह विकल्प भरने होंगे। विकल्प नहीं भरने वाले शिक्षक आगे की प्रक्रिया से वंचित हो सकते हैं।

दो चरणों में पूरी होगी पूरी प्रक्रिया

शिक्षकों के स्थानांतरण और नए प्रखंड/विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया को शिक्षा विभाग ने दो प्रमुख चरणों में विभाजित किया है:

पहला चरण: प्रखंड आवंटन (10–15 दिसंबर)

  • शिक्षकों द्वारा दिए गए 5 विकल्पों को संबंधित जिला प्रशासन प्राप्त करेगा।
  • आवंटित जिला अंतर्गत जिला पदाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में गठित स्थापना समिति इन विकल्पों की समीक्षा करेगी।
  • विभाग द्वारा विकसित विशेष सॉफ्टवेयर की सहायता से प्रखंडवार, कक्षा-वार और विषय-वार उपलब्ध रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों का प्रखंड आवंटन किया जाएगा।
  • यह प्रक्रिया 10 से 15 दिसंबर 2024 तक चलेगी।
यह भी पढ़ें  राहुल गांधी: "हमें दो तरह के शहीद नहीं चाहिए, अग्निवीर योजना को उठाएंगे"

दूसरा चरण: विद्यालय आवंटन (16–31 दिसंबर)

  • प्रखंड आवंटन के बाद शिक्षकों को उनके विषय और कक्षा की रिक्तियों के अनुसार विद्यालय आवंटित किए जाएंगे।
  • विद्यालय आवंटन की यह अंतिम प्रक्रिया 16 दिसंबर से 31 दिसंबर 2024 तक पूरी की जाएगी।
  • विभाग का दावा है कि इस बार आवंटन पूरी तरह सॉफ्टवेयर आधारित और त्रुटिरहित होगा, ताकि किसी भी तरह की शिकायत से बचा जा सके।
यह भी पढ़ें  भाजपा की पांचवीं सूची: अरुण गोविल और कंगना रनौत शामिल

प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर

शिक्षा विभाग ने जोर दिया है कि यह पूरा स्थानांतरण सिस्टम ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से डिजिटल और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है।
इससे:

  • मनमानी पोस्टिंग पर रोक लगेगी,
  • शिक्षकों की वास्तविक विषय-वार जरूरत पूरी होगी,
  • एवं स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य मजबूत होगा।

शिक्षकों में उत्साह, लेकिन कई सवाल भी

समस्तीपुर समेत कई जिलों में शिक्षकों के बीच स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। जिला आवंटित होने के बाद अब उन्हें अपने मनपसंद प्रखंड चुनने का अवसर मिल रहा है।
हालांकि कुछ शिक्षकों की चिंता भी है कि प्रखंड आवंटन में उनकी प्राथमिकता किस हद तक मानी जाएगी, क्योंकि अंतिम निर्णय सॉफ्टवेयर और रिक्तियों के आधार पर लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें  स्मृतिशेष स्व.एहसान अली अशरफ के निधन पर शोक सभा का आयोजन

अंतिम लक्ष्य—नए साल में शिक्षकों की नई नियुक्ति व्यवस्था लागू

शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया दिसंबर के अंत तक पूरी कर ली जाए, ताकि नए साल 2025 से शिक्षक अपने नए विद्यालयों में योगदान दे सकें और शैक्षणिक सत्र में किसी तरह की बाधा न आए।

कुल मिलाकर, समस्तीपुर जिला सहित पूरे बिहार में शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया अब अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है, और विभाग द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों ने इसे और सुगम बना दिया है।

Gaam Ghar Desk

गाम घर डेस्क के साथ भारत और दुनिया भर से नवीनतम ब्रेकिंग न्यूज़ और विकास पर नज़र रखें। राजनीति, एंटरटेनमेंट और नीतियों से लेकर अर्थव्यवस्था और पर्यावरण तक, स्थानीय मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय घटनाओं और वैश्विक मामलों तक, हमने आपको कवर किया है। Follow the latest breaking news and developments from India and around the world with 'Gaam Ghar' news desk. From politics , entertainment and policies to the economy and the environment, from local issues to national events and global affairs, we've got you covered.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button