बिहार सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद ने सोमवार को सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में विभाग का पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालते ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, कार्यान्वयन स्थिति एवं लाभुकों तक पहुंच की जानकारी ली।
बैठक के दौरान मंत्री रमा निषाद ने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य समाज के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के अंतिम पंक्ति में बैठे वंचित, गरीब एवं असहाय लोगों का समग्र उत्थान करना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विभाग की योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विभाग की सभी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाने, फील्ड स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। मंत्री ने कहा कि योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता न हो।
महिलाओं के सशक्तिकरण को अपनी पहली प्राथमिकता बताते हुए मंत्री रमा निषाद ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए नए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक समाज की महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर नहीं होंगी, तब तक सामाजिक विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। विभाग महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाओं और कार्यक्रमों पर भी कार्य करेगा।
इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव एच आर श्रीनिवास ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मंत्री का स्वागत किया। बैठक में विभाग के अपर सचिव, संयुक्त सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मंत्री को विभाग की वर्तमान योजनाओं, उपलब्धियों एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं की जानकारी दी।
मंत्री रमा निषाद ने विश्वास जताया कि विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाकर पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जाएगा।




