मधुबनी जिले में मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपरा को सम्मान देने के उद्देश्य से 15 और 16 मार्च 2026 को “भामती वाचस्पति महोत्सव” का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार तथा जिला प्रशासन, मधुबनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम अंधराठाढ़ी प्रखंड के विष्णुपूरा बेलहा महार, ठाढ़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में आयोजित होगा। महोत्सव मिथिला के महान दार्शनिक पंडित वाचस्पति मिश्र को समर्पित है, जिन्होंने भारतीय दर्शन और साहित्य की परंपरा को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दो दिवसीय इस महोत्सव में मिथिला की सांस्कृतिक विरासत, संगीत, नृत्य और साहित्य की विविध झलक देखने को मिलेगी। इसके साथ ही परिचर्चा सत्र और कवि गोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें विद्वान और साहित्यकार मिथिला की ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर पर अपने विचार साझा करेंगे।
महोत्सव के पहले दिन 15 मार्च को कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बनाएंगे। इस दिन महोत्सव के उद्घाटन सत्र में कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, मधुबनी द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री फिल्म “सर्वतंत्र स्वतंत्र : पंडित वाचस्पति मिश्र” का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा। इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण Shimmer Films International एवं Gaam Ghar द्वारा किया गया है।
प्रसिद्ध मैथिली गायिका रंजना झा और चर्चित मैथिली भजन गायक अरविंद सिंह अपनी गायकी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। इसके अलावा पंचनाद क्लासिकल फ्यूजन बैंड की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र होगी, जिसमें शास्त्रीय संगीत और आधुनिक धुनों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
कार्यक्रम में नेहा कुमारी और उनके समूह द्वारा ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी, जबकि प्रिया कुमारी और उनके दल द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही प्राची झा, डेजी ठाकुर, तनमय नाग और वर्षा झा जैसे कलाकार भी अपनी गायकी से श्रोताओं का मनोरंजन करेंगे। कार्यक्रम का संचालन आनंद मोहन झा करेंगे।
महोत्सव के दूसरे दिन 16 मार्च की शाम प्रसिद्ध मैथिली गायिका पूनम मिश्रा अपनी सुमधुर आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। इसके अलावा रवि शंकर मिश्रा और उनके समूह द्वारा ताल कचहरी की प्रस्तुति दी जाएगी, जिसमें ताल और लय का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ मिश्रा शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगे, जबकि जय प्रकाश नारायण पाठक कथक और ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति देंगे। लोक कला कुंभ समूह द्वारा समूह लोक नृत्य की प्रस्तुति भी इस महोत्सव का खास आकर्षण होगी। इसके अलावा कुंदन कुमार अपनी गायकी से दर्शकों को आनंदित करेंगे और कार्यक्रम का संचालन अक्षय आनंद करेंगे।
आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव का उद्देश्य मिथिला की सांस्कृतिक विरासत और दार्शनिक परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। साथ ही स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान कर क्षेत्रीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देना भी इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है।





