खाड़ी तनाव पर विश्व चिंतित, हमले रोकने की अपील
खामेनेई की मौत के बाद रूस, ब्रिटेन, चीन सहित कई देशों ने अमेरिका-इजरायल और ईरान से तत्काल हमले रोककर परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता शुरू करने की मांग की।
- रूस, चीन और यूरोपीय देशों ने तत्काल संघर्षविराम की मांग की।
- संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर चिंता जताई।

अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस घटनाक्रम पर विश्वभर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई देशों ने इसे क्षेत्रीय शांति और वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है और सभी पक्षों से तत्काल हमले रोकने की अपील की है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस घटना को जघन्य हत्या बताते हुए कड़ी निंदा की और ईरान के प्रति संवेदना व्यक्त की। रूस ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दोबारा वार्ता शुरू करने की मांग की है। चीन ने भी खामेनेई को संप्रभु नेता बताते हुए हमले की निंदा की और विवादों का समाधान कूटनीतिक बातचीत से निकालने पर जोर दिया।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका, इजरायल और ईरान से तत्काल हमले रोकने और परमाणु मुद्दे पर वार्ता बहाल करने की अपील की। वहीं ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन किया है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने भी सभी पक्षों से संयम बरतने और तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने को कहा है। यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की प्रमुख काजा कलास ने 27 देशों की बैठक के बाद बयान जारी कर क्षेत्र में संघर्ष फैलने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करने की आवश्यकता बताई।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, जबकि अरब लीग ने ईरान से पड़ोसी देशों की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की। यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गार्गाश ने भी क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की जरूरत दोहराई।
इस बीच नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बढ़ती चिंताओं के बीच अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक पहल से खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव थम पाएगा।




