मुजफ्फरपुर स्टेशन यार्ड में माइक्रोटनलिंग से जलजमाव समाधान योजना’
मुजफ्फरपुर स्टेशन यार्ड में जलजमाव के स्थायी समाधान को लेकर माइक्रोटनलिंग परियोजना की रूपरेखा तैयार
Samastipur : Muzaffarpur स्टेशन यार्ड में मानसून के दौरान होने वाली जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए माइक्रो टनलिंग परियोजना की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत वर्षा जल को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से बड़े नाले में प्रवाहित करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे रेलवे यार्ड में जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
इस संबंध में आज समस्तीपुर मंडल कार्यालय में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में East Central Railway मुख्यालय से प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेश वर्मा सहित कई वरिष्ठ अभियंता उपस्थित रहे। साथ ही Rail Land Development Authority (आरएलडीए)/पटना के मुख्य परियोजना प्रबंधक श्री आलोक कुमार झा ने भी भाग लिया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि परियोजना को तकनीकी रूप से सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के लिए देश के जाने-माने आर्किटेक्ट्स तथा प्रतिष्ठित निर्माण एजेंसियों से भी मार्गदर्शन लिया जाएगा। उद्देश्य यह है कि कार्य आधुनिक मानकों के अनुरूप हो और भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में इस परियोजना की मॉनिटरिंग सोनपुर मंडल द्वारा की जाती थी, लेकिन अब इसे सीधे समस्तीपुर मंडल द्वारा मॉनिटर किया जाएगा। इससे कार्य में तेजी आने और समन्वय बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि माइक्रो टनलिंग कार्य रेलवे की सिग्नल एवं अन्य महत्वपूर्ण केबलों के नीचे से अत्यंत सावधानीपूर्वक किया जाएगा। केबल प्रणाली को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे, इसके लिए विशेष तकनीकी मानकों का पालन किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग से ड्रेनेज प्रणाली अधिक टिकाऊ और प्रभावी बनेगी।
इसके अतिरिक्त आरएलडीए के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे Muzaffarpur Municipal Corporation की मौजूदा ड्रेनेज योजना और संरेखण (अलाइनमेंट) को ध्यान में रखते हुए एक समन्वित नई ड्रेनेज योजना तैयार करें। इससे रेलवे क्षेत्र और शहर की जल निकासी व्यवस्था में संतुलन स्थापित होगा और समग्र जल प्रबंधन अधिक प्रभावी बन सकेगा।
रेल अधिकारियों के अनुसार माइक्रो टनलिंग पद्धति लागू होने से मानसून के दौरान स्टेशन यार्ड में होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा। इससे परिचालन सुगमता में सुधार होगा और यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परियोजना की विस्तृत अंतिम योजना (फाइनल प्लान) मार्च 2026 तक तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वयन शुरू किया जाएगा।
समस्तीपुर मंडल द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि मुजफ्फरपुर स्टेशन परिसर में आधुनिक और सुदृढ़ आधारभूत संरचना विकसित की जा सके। रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से स्टेशन क्षेत्र में जलजमाव की समस्या अतीत की बात बन जाएगी और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा।





