समस्तीपुर : समस्तीपुर जिले के सभी नगर निकाय क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित मांस-मछली की दुकानों पर जल्द कार्रवाई होगी। राज्य सरकार के निर्देश के बाद नगर निगम के नगर आयुक्त समेत सभी नगर परिषद और नगर पंचायतों के कार्यपालक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया गया है।
जारी पत्र में कहा गया है कि विभिन्न नगर निकायों के अधीन कई मांस-मछली की दुकानें बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के संचालित हो रही हैं या फिर लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। यह स्थिति बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि बिना लाइसेंस संचालित दुकानों को धारा 345(4) के तहत बंद किया जाए तथा आवश्यक शर्तों के साथ ही वैध अनुज्ञप्ति जारी की जाए।
शहर के कई भीड़भाड़ वाले इलाकों में वर्षों से खुले में मीट-मछली की दुकानें संचालित हो रही हैं। खासकर ताजपुर रोड पर सड़क के दोनों ओर बिना लाइसेंस की दुकानों में मांस काटने, धोने और बेचने का काम खुलेआम किया जाता है। दुकानों से निकलने वाले अवशेष रेलवे लाइन और आसपास के क्षेत्रों में फेंक दिए जाते हैं। पशुओं को हलाल करने के दौरान खून के छींटे सड़क तक फैल जाते हैं, जबकि मछली धोने का दूषित पानी सड़क पर बहाया जाता है। इससे दुर्गंध और गंदगी के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी होती है।
इसी तरह मथुरापुर घाट के नए पुल के बाद बांध पर भी मछली की दुकानें लग रही हैं। इसके अलावा डीआरएम कार्यालय के पीछे बड़ी काली मंदिर के पास, सोनबरसा चौक, बारह पत्थर मुहल्ला चौक, बीआरबी कॉलेज के निकट और पंजाबी कॉलोनी धरमपुर रोड में भी खुले में दुकानें संचालित हो रही हैं। इन स्थानों पर ग्राहक सड़क पर वाहन खड़ा कर खरीदारी करते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है।
गौरतलब है कि कई दुकानें धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के निकट स्थित हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर लोगों में आक्रोश है। अब प्रशासन के सख्त निर्देश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि शहर को गंदगी और अव्यवस्था से राहत मिलेगी।




