नालंदा : नालंदा जिले के बिंद थाना क्षेत्र अंतर्गत अलीपुर गांव के निवासी प्रशांत सिन्हा को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) में महाप्रबंधक (तकनीकी) के पद पर पदोन्नति मिलने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है। उन्हें 1 जनवरी 2026 से यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है और वर्तमान में उनकी पोस्टिंग अंबाला, हरियाणा में की गई है। एक छोटे से गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की संस्था में शीर्ष पद तक पहुंचने की उनकी यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
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प्रशांत सिन्हा की शैक्षणिक यात्रा अत्यंत उत्कृष्ट रही है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की। वर्ष 1993 में पटेल हाई स्कूल, बिहारशरीफ से मैट्रिक और 1995 में सरदार पटेल मेमोरियल कॉलेज, बिहारशरीफ से इंटरमीडिएट किया। इसके बाद 2003 में एनआईटी जमशेदपुर से बी.टेक तथा 2005 में आईआईटी-बीएचयू (वाराणसी) से एम.टेक की उपाधि प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने वर्ष 2012 में आईआईएम लखनऊ से एक्जीक्यूटिव एमबीए कर अपने प्रबंधन कौशल को और मजबूत किया।
एम.टेक के दौरान ही वर्ष 2005 में उनका चयन RITES लिमिटेड, नॉर्थ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (सेक्शन इंजीनियर) और इसरो में वैज्ञानिक पद के लिए हुआ था, लेकिन उन्होंने इन अवसरों को अस्वीकार कर कॉर्पोरेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में काम करने का निर्णय लिया।
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अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत उन्होंने वर्ष 2005 में एनटीपीसी लिमिटेड के नॉर्थ करणपुरा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट से की। इसके बाद 2008 से 2014 तक उन्होंने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) में सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर के रूप में बरौनी और पानीपत रिफाइनरी में महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। वर्ष 2014 में वे एनएचएआई से जुड़े और तब से लेकर अब तक कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई है।
प्रशांत सिन्हा एक शिक्षित और संस्कारित परिवार से आते हैं। उनके पिता चंद्रभूषण सिन्हा उर्फ भोली बाबू अपने गांव के पहले इंजीनियर थे। बड़े भाई प्रवीण सिन्हा महेशखूंट स्थित सुधा डेयरी पशु आहार कारखाना के प्रबंधक हैं। दूसरे भाई प्रभात सिन्हा होटल प्रबंधन के बाद व्यवसाय कर रहे हैं। चौथे भाई प्रमोद सिन्हा सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ-साथ एलन करियर इंस्टीट्यूट, चंडीगढ़ में भौतिकी के प्रोफेसर हैं, जबकि छोटे भाई प्रफुल्ल सिन्हा आकाशवाणी वाराणसी में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
अपनी सफलता पर प्रशांत सिन्हा ने कहा कि वे इसका श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, भाइयों और गांववासियों को देते हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल अलीपुर गांव बल्कि पूरे इलाके के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।






