Digitalबिहारसमाचार

एन. मंडल ने सीएम को वादा याद दिलाया, मांगा रामफल मंडल को शहीद दर्जा’

23 अगस्त शहीद दिवस तक आधिकारिक मान्यता देने की अपील, मुख्यमंत्री के पुराने बयान का हवाला देकर शीघ्र निर्णय की मांग।

पटना : बिहार के स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानी रामफल मंडल को आधिकारिक रूप से “शहीद” का दर्जा दिए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, राष्ट्रीय कला एवं संस्कृति मंत्री तथा फिल्मकार एन. मंडल ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को औपचारिक निवेदन-पत्र भेजकर 23 अगस्त 2026 (शहीद दिवस) तक इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।

आज प्रेषित पत्र में एन. मंडल ने कहा है कि रामफल मंडल ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। ऐसे स्वतंत्रता सेनानी को आधिकारिक सम्मान देना केवल उनके परिवार या किसी एक समाज का विषय नहीं, बल्कि बिहार और पूरे राष्ट्र के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को उचित सम्मान देने का दायित्व है।

पत्र में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस सार्वजनिक वक्तव्य का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने रामफल मंडल को अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करने वाले वीर सेनानी के रूप में याद किया था। एन. मंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उनके इसी संकल्प को प्रशासनिक स्तर पर मूर्त रूप दिया जाए और आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर रामफल मंडल को आधिकारिक रूप से “शहीद” घोषित किया जाए।

फिल्मकार एन. मंडल ने इस अभियान को सोशल मीडिया के माध्यम से भी जनसमर्थन दिलाने का प्रयास किया है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि बिहार सरकार स्वतंत्रता संग्राम के इस वीर सेनानी के योगदान को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हुए संवेदनशील निर्णय लेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शहीद दिवस से पहले इस दिशा में ठोस पहल देखने को मिलेगी।

यह भी पढ़ें  कोशी क्षेत्र का पहला FM रेडियो: रेडियो ईस्ट एन वेस्ट 88.4 का हुआ लोकार्पण

एन. मंडल का कहना है कि यह मांग किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि इतिहास के एक ऐसे अध्याय को न्याय दिलाने के लिए उठाई गई है, जो लंबे समय से अपेक्षित सम्मान का इंतजार कर रहा है। उनका मानना है कि स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले प्रत्येक वीर सेनानी को सरकारी अभिलेखों में उचित स्थान मिलना चाहिए।

यह भी पढ़ें  आज बिहार कैबिनेट की अहम बैठक, कई बड़े फैसलों के आसार

इस बीच सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच भी इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का मानना है कि यदि सरकार ऐतिहासिक तथ्यों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर निर्णय लेती है, तो यह स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

यह भी पढ़ें  समस्तीपुर: पारिवारिक विवाद के चलते युवक की ह'त्या, बड़ा भाई गिरफ्तार

अब सभी की निगाहें बिहार सरकार के आगामी निर्णय पर टिकी हैं। यदि 23 अगस्त 2026 तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा होती है, तो इसे रामफल मंडल के योगदान को संस्थागत सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाएगा।

Abhishek Anand

Abhishek Anand, Working with Gaam Ghar News as a author. Abhishek is an all rounder, he can write articles on any beat whether it is entertainment, business, politics and sports, he can deal with it.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button