बिहारराजनीतिसमाचार

मुकेश सहनी ने छोड़ दिया सरकारी बंगला

मुकेश सहनी लोकसभा चुनाव में खुलकर अपना खेल खेलेंगे

Patna: पूर्व मंत्री और वीआईपी चीफ मुकेश सहनी ने सरकारी बंगला खाली कर दिया है। जिसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। साथ ही अटकलों का दौर भी शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि अब मुकेश सहनी लोकसभा चुनाव में खुलकर अपना खेल खेलेंगे। और कभी भी एनडीए के साथ गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं। जिसके पीछे की वजह सरकारी बंगला है। दरअसल साल 2020 में बिहार में एनडीए की जीत के बाद वो पशुपालन और मत्स्य मंत्री बने थे। तभी ये वो 6 स्ट्रैड रोड में आवंटित सरकारी बंगले में रह रहे थे।

मुकेश सहनी के मन में क्या?

साल 2022 में बीजेपी के साथ मतभेद के चलते उनको मंत्री पद गंवाना पड़ा। जिसके बाद विधान परिषद की सदस्यता भी चली गई थी। इसके बाद भी वो करीब बीते एक साल से बंगले में रह रहे थे। नीतीश सरकार की तरफ से उन पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया गया। कि वो बगंला खाली करें। शायद यही वजह थी कि मुकेश सहनी ने अपनी सियासी रैलियों में नीतीश पर हमला बोलने से कतराते रहे। वहीं दूसरी तरफ हाल ही में उन्हें केंद्र सरकार की ओर से Y+ श्रेणी की सिक्योरिटी दी गई है। जानकारी के मुताबिक वो बीते कुछ महीनों पहले बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ उनकी बैठक भी हुई थी।

NDA में साथ जाएंगे मुकेश सहनी

ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अब बंगला खाली करने के बाद नीतीश सरकार का उन पर कोई एहसान नहीं करेगा। और अब वो अपना सियासी खेल खुल्लम-खुल्ला खेलेंगे। यही वजह है कि कहा जा रहा कभी भी वीआईपी चीफ मुकेश सहनी एनडीए के साथ गठबंधन कर सकते हैं। फिलहाल मुकेश सहनी ने बंगला खाली करके पटना के कंकड़बाग स्थित पीसी कॉलोनी में शिफ्ट होंगे। यहां वो किराए के मकान में रहेंगे, वहीं पार्टी का स्टेट हेडक्वार्टर भी होगा।

यह भी पढ़ें  पूर्व मुखिया के बेटे पर जानलेवा हमला,कई राउंड की फायरिंग।
बिहार की सियासत में मुकेश सहनी अहम क्यों?

वैसे बिहार की सियासत में मुकेश सहनी अब तक कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए हैं। अभी वो किसी भी सदन के नेता नहीं है। 2020 के विधानसभा चुनाव में 11 सीटों में वीआईपी ने 4 सीटों पर जीत हासिल की थी। ये 11 सीटें बीजेपी कोटे की थी। जो मुकेश सहनी को दी गई थी। जिसके बाद उन्हें बिहार सरकार में मंत्री बनाया गया। वैसे मुकेश सहनी हमेशी बीजेपी के मददगार साबित हुए हैं।

यह भी पढ़ें  185 किलो गांजा लदे ट्रक को पुलिस ने किया जब्त

राजनीतिज्ञ विशेषज्ञों की मानें तो बिहार में मल्लाहों आबादी करीब 5 फीसदी है। ऐसे में भले ही वो सीट न जीत पाएं, लेकिन सीटों पर वोटों के बिखराव को जरुर रोक सकते हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव और 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के पक्ष में प्रचार किया था। इसके बाद लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव में वो महागठबंधन के सहयोगी बने, लेकिन इन चुनावों में वे एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुए थे।

यह भी पढ़ें  भोजपुर में फर्जी दरोगा गिरफ्तार: असली पुलिस को हड़काता था

 

Gaam Ghar News Desk

गाम घर न्यूज़ डेस्क के साथ भारत और दुनिया भर से नवीनतम ब्रेकिंग न्यूज़ और विकास पर नज़र रखें। राजनीति, एंटरटेनमेंट और नीतियों से लेकर अर्थव्यवस्था और पर्यावरण तक, स्थानीय मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय घटनाओं और वैश्विक मामलों तक, हमने आपको कवर किया है। Follow the latest breaking news and developments from India and around the world with Gaam Ghar' newsdesk. From politics , entertainment and policies to the economy and the environment, from local issues to national events and global affairs, we've got you covered.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button