LPG सिलेंडर बुकिंग नियम बदले, गांवों में अब 45 दिन बाद मिलेगी’
सरकार ने गैस सिलेंडर की मांग संतुलित रखने के लिए नया नियम लागू किया, शहरों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद बुकिंग।
देश में एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती मांग और संभावित जमाखोरी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण इलाकों में अब उपभोक्ता 45 दिन के अंतराल के बाद ही दूसरा एलपीजी सिलेंडर बुक कर सकेंगे।
सरकार के अनुसार, यह निर्णय गैस की उपलब्धता को संतुलित रखने और घबराहट में अधिक बुकिंग की प्रवृत्ति को रोकने के लिए लिया गया है। नए नियमों के तहत शहरी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन का अंतर अनिवार्य होगा, जबकि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में यह अंतराल 45 दिन तय किया गया है।
मंत्री ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में उपभोक्ताओं द्वारा जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करने या डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर सिलेंडर जमा करने की शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश में एलपीजी की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है और वर्तमान में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग से डिलीवरी तक का औसत समय लगभग ढाई दिन है।
सरकार ने गैस सिलेंडर की डिलीवरी प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्रणाली को लागू किया है। इस प्रणाली के तहत उपभोक्ता के मोबाइल पर एक वन टाइम कोड भेजा जाएगा, जिसे डिलीवरी के समय बताना अनिवार्य होगा। बिना इस कोड के सिलेंडर की डिलीवरी दर्ज नहीं की जाएगी। वर्तमान में यह व्यवस्था करीब 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं के लिए लागू है, जिसे जल्द ही बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक करने की योजना है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे कमर्शियल एलपीजी की औसत मासिक मांग का केवल 20 प्रतिशत ही आवंटित करें। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य काला बाजारी और जमाखोरी को रोकना है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में एलपीजी की मांग बढ़ने के बावजूद सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के कदम उठाए हैं। रिफाइनरियों को निर्देश देने के बाद पिछले पांच दिनों में एलपीजी उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके अलावा जरूरत के अनुसार अतिरिक्त गैस की खरीद भी की जा रही है ताकि देश के 33 करोड़ से अधिक परिवारों को गैस की आपूर्ति में कोई बाधा न आए।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जाए। इसके साथ ही तेल कंपनियों और राज्य प्रशासन के अधिकारियों की निगरानी में इस नई व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की मौजूदा कीमत 913 रुपये है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से इसकी कीमत अधिक हो सकती थी। इसके बावजूद सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अतिरिक्त लागत का एक हिस्सा स्वयं वहन किया है।





