फेस्टिव सीजन में बढ़े हवाई किराये ने पूर्णिया के यात्रियों की यात्रा योजना बदल दी है। अधिक किराये की वजह से अब बड़ी संख्या में यात्री पूर्णिया की बजाय बागडोगरा एयरपोर्ट को पहली पसंद बना रहे हैं।
दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत मिताली बताती हैं कि जब उन्हें दिल्ली से पूर्णिया का टिकट 12 से 15 हजार रुपये में मिल रहा है, वहीं दिल्ली से बागडोगरा का किराया मात्र 6 हजार रुपये है, तो वे बागडोगरा उतरना ही बेहतर समझती हैं। वहां से बस का किराया लगभग 500 रुपये और निजी कार से आने पर करीब 1500 रुपये खर्च होता है। कुल खर्च जोड़ने के बाद भी उन्हें 5 से 7 हजार रुपये तक की बचत हो जाती है।
होली के मौके पर दिल्ली से लौट रहे यात्री राकेश कुमार ने बताया कि वे छह लोगों के साथ यात्रा कर रहे हैं। यदि वे दिल्ली से पूर्णिया के लिए सीधे उड़ान लेते, तो कुल किराया 75 से 90 हजार रुपये तक पहुंच जाता। इसके बजाय उन्होंने बागडोगरा का टिकट लिया, जो करीब 36 हजार रुपये में मिल गया। इसके बाद टैक्सी से पूर्णिया पहुंचने में लगभग 5 हजार रुपये खर्च हुए। इस तरह छह यात्रियों को मिलाकर लगभग 35 से 40 हजार रुपये की बचत हुई।
यात्रियों का कहना है कि जब तक पूर्णिया का हवाई किराया संतुलित नहीं होता, तब तक बागडोगरा उनके लिए अधिक किफायती और व्यावहारिक विकल्प बना रहेगा।




