पटना के समाहर्त्ता-सह-जिलाधिकारी ने जिले में राजस्व मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही और तत्परता के साथ जनहित के कार्य निष्पादित करने का सख्त निर्देश दिया। बैठक में सभी अंचल अधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं तथा अनुमंडल पदाधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि अंचल कार्यालयों में बिचौलियों, दलालों और मुंशी की कोई भूमिका नहीं है। ऐसे तत्वों की रोकथाम के लिए सभी अंचल कार्यालयों में हाई-एंड सीसीटीवी कैमरों की स्थापना अनिवार्य करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसी दलाल या मुंशी की पहचान होती है तो संबंधित अंचल अधिकारी स्थानीय थाना में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करें।
भू-माफियाओं के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि उनकी पहचान कर भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। नगर क्षेत्र के अंचल कार्यालयों में अनुमंडल पदाधिकारियों को विशेष निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। हाल ही में फुलवारीशरीफ अंचल में एक भू-माफिया के खिलाफ परसा बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
राजस्व से जुड़े सभी अधिकारियों को दाखिल-खारिज, परिमार्जन, नापीवाद और अतिक्रमणवाद के मामलों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सरकारी जमीन का पूरा ब्यौरा संधारित कर उसे संरक्षित करने तथा लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक अंचल कार्यालय एक आधिकारिक दूरभाष संख्या जारी करे, जिस पर आम नागरिक दलालों या बिचौलियों की सूचना दे सकें। इस नंबर को कार्यालय परिसर में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने अपर समाहर्ता और अन्य वरीय अधिकारियों को अंचल कार्यालयों की गतिविधियों का नियमित अनुश्रवण करने तथा भूमि विवादों के समाधान के लिए सूक्ष्म स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। भूमि विवादों की गंभीरता का आकलन, पूर्ववृत्त की जानकारी और योजनाबद्ध समाधान की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आम नागरिकों को पारदर्शी और सरल तरीके से लोक सेवाओं एवं जनहित योजनाओं का लाभ मिले, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।




