पटना से होमगार्ड आईजी एम. सुनील नायक गिरफ्तार’
होमगार्ड आईजी एम. सुनील नायक पटना से गिरफ्तार, आंध्र प्रदेश पुलिस ले गई अपने साथ
पटना : बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी और होमगार्ड व फायर सर्विसेज के आईजी एम. सुनील नायक को सोमवार सुबह आंध्र प्रदेश पुलिस ने पटना स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की कार्रवाई सुबह करीब छह बजे की गई, जब आंध्र प्रदेश पुलिस की विशेष टीम राजधानी पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें अपने साथ ले गई।
जानकारी के अनुसार, यह गिरफ्तारी हत्या के प्रयास के एक पुराने मामले में की गई है। मामला वर्ष 2021 का बताया जा रहा है, जब एम. सुनील नायक आंध्र प्रदेश में सीआईडी में पदस्थापित थे। उन पर नरसापुरम के पूर्व सांसद के. रघुराम कृष्णा राजू के साथ कथित रूप से हिरासत में मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप है। इसी मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत केस दर्ज किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश पुलिस ने पहले से ही गिरफ्तारी की पूरी तैयारी कर रखी थी। टीम ने पटना पहुंचकर स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित किया और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद आईजी नायक को कड़ी सुरक्षा के बीच हवाई मार्ग से आंध्र प्रदेश ले जाया गया।
गिरफ्तारी के दौरान पटना स्थित सरकारी आवास परिसर में काफी हलचल देखी गई। जानकारी मिली है कि इस दौरान कुछ होमगार्ड जवानों ने आंध्र प्रदेश पुलिस की गाड़ी को घेर लिया और विरोध जताया। कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण रही और जवानों द्वारा हंगामा भी किया गया। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और पुलिस टीम आईजी को लेकर रवाना हो गई।
फिलहाल एम. सुनील नायक को आंध्र प्रदेश की संबंधित अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। इस घटनाक्रम के बाद बिहार पुलिस और प्रशासनिक महकमे में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की इस तरह गिरफ्तारी को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
आंध्र प्रदेश पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर प्रकृति का है और कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं, इस मामले में आईजी नायक या उनके परिजनों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पूरे घटनाक्रम पर अब सभी की नजरें आंध्र प्रदेश की अदालत में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट होगा कि आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी।




