DigitalUPराष्ट्रीय समाचारसमाचार

प्रयागराज: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व शिष्यों पर POCSO केस दर्ज

प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व शिष्यों पर POCSO के तहत केस दर्ज

फाइल फोटो – स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

प्रयागराज में धार्मिक जगत से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत चार लोगों के खिलाफ नाबालिग बच्चों के साथ कुकर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में की गई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ अभियोग

जानकारी के मुताबिक, यह मामला पाक्सो एक्ट (POCSO) कोर्ट में दायर एक अर्जी के आधार पर आगे बढ़ा। विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी पुलिस को निर्देश दिया था कि आरोपों के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि विवेचना शीघ्र पूरी की जाए और पीड़ितों की पहचान तथा गरिमा की रक्षा से जुड़े सभी कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाए।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रस्तुत सामग्री, पीड़ितों के बयान और स्वतंत्र साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप सामने आते हैं, जो संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं। इसलिए विधि अनुसार प्राथमिकी दर्ज कर जांच किया जाना आवश्यक है।

आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर हुई कार्रवाई

यह पूरा प्रकरण शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से दायर अर्जी के बाद सामने आया। उन्होंने बीते माह अदालत में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि माघ मेले के दौरान कुछ नाबालिग लड़कों के साथ कुकर्म किया गया। अर्जी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद सहित अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए थे।

यह भी पढ़ें  तारा देवी के निधन पर शोकसभा आयोजित

अदालत में कथित पीड़ित बच्चों के बयान भी दर्ज कराए गए थे। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। जांच प्रतिवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।

पुलिस ने शुरू की विवेचना

कोर्ट के निर्देश के बाद झूंसी थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी महेश मिश्रा के अनुसार, आदेश का पालन करते हुए एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस अब आरोपों से जुड़े तथ्यों, पीड़ितों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

यह भी पढ़ें  Bollywood: ''खूबसूरती'' में अपनी मां; से आगे हैं हसीनाओं की बेटियां

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पर निष्पक्ष जांच का दबाव भी है। चूंकि आरोप नाबालिग बच्चों से जुड़े हैं, इसलिए POCSO अधिनियम के तहत विशेष प्रावधान लागू होंगे। कानून के मुताबिक ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध है।

आरोपों की गंभीरता पर कोर्ट की टिप्पणी

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीड़ित बच्चों के कथनों, स्वतंत्र गवाहों के बयानों और पुलिस की रिपोर्ट के परीक्षण से यह प्रतीत होता है कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। इनमें लैंगिक उत्पीड़न के स्पष्ट आरोप शामिल हैं, जो संज्ञेय अपराध को दर्शाते हैं। इसलिए विधिक प्रक्रिया के तहत प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य है।

धार्मिक जगत में हलचल

इस मामले के सामने आने के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। चूंकि आरोप एक प्रमुख धार्मिक व्यक्तित्व और उनके शिष्यों पर लगे हैं, इसलिए मामले ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, अभी यह मामला जांच के चरण में है और अंतिम निष्कर्ष विवेचना पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

यह भी पढ़ें  समस्तीपुर में 2026 का पहला रेल हादसा, टैंक वैगन डीरेल, रेल रूट बाधित

सच के साथ खड़े हों — स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें। Gaam Ghar

Donate via UPI

UPI ID: 7903898006@sbi

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अदालत द्वारा सीधे एफआईआर दर्ज कराने का आदेश यह संकेत देता है कि प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार मौजूद पाया गया है। वहीं, आरोपित पक्ष को भी कानूनन अपना पक्ष रखने और बचाव का पूरा अवसर मिलेगा।

आगे क्या?

अब पुलिस की जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई संभव है। फिलहाल, मामला जांच के अधीन है और प्रशासन की ओर से निष्पक्ष व पारदर्शी जांच का आश्वासन दिया गया है। इस संवेदनशील प्रकरण में समाज और प्रशासन दोनों की नजर आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Gaam Ghar Desk

गाम घर डेस्क के साथ भारत और दुनिया भर से नवीनतम ब्रेकिंग न्यूज़ और विकास पर नज़र रखें। राजनीति, एंटरटेनमेंट और नीतियों से लेकर अर्थव्यवस्था और पर्यावरण तक, स्थानीय मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय घटनाओं और वैश्विक मामलों तक, हमने आपको कवर किया है। Follow the latest breaking news and developments from India and around the world with 'Gaam Ghar' news desk. From politics , entertainment and policies to the economy and the environment, from local issues to national events and global affairs, we've got you covered.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button