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छात्रवृत्ति योजनाओं से पिछड़ा अति पिछड़ा वर्ग के 55 लाख छात्रों लाभ

छात्रवृत्ति योजनाओं से पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग के 55 लाख छात्रों को ₹832 करोड़ का लाभ

पटना : बिहार सरकार का पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग राज्य के सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े समुदायों के सशक्तीकरण की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। शिक्षा को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। इन योजनाओं के तहत अब तक लगभग 55 लाख विद्यार्थियों को 832 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।

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विभाग की सबसे प्रमुख योजना मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 53 लाख 46 हजार विद्यार्थियों को 654 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। इस योजना से लाभान्वित छात्र बिना आर्थिक बाधा के अपनी प्रारंभिक शिक्षा जारी रख पा रहे हैं। यह योजना खासकर ग्रामीण और वंचित परिवारों के लिए शिक्षा की मजबूत नींव बनकर उभरी है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में अब तक कुल 2,76,580 विद्यार्थियों को 142.01 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है, जिससे उच्च शिक्षा में नामांकित छात्रों को बड़ा संबल मिला है।

मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,11,670 विद्यार्थियों (50,002 बालिकाएं और 61,668 बालक) तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 1,07,172 विद्यार्थियों (49,370 बालिकाएं और 57,802 बालक) को लाभ दिया गया है। प्रत्येक छात्र को ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।

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वहीं मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 78,045 और वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 70,639 विद्यार्थियों को प्रति छात्र ₹10,000 की राशि दी जा चुकी है।

कुल मिलाकर, वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन योजनाओं से 55 लाख विद्यार्थियों को 832 करोड़ रुपये का लाभ मिलना बिहार सरकार की सामाजिक न्याय और शिक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और एक सशक्त, शिक्षित एवं समावेशी बिहार का निर्माण करना है। भविष्य में भी विभाग इन वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए नए कदम उठाने के लिए संकल्पित है।

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