पटना : बिहार सरकार राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल ने बताया कि नवंबर 2026 तक राज्य के करीब ढाई लाख बीपीएल एवं कम आय वाले परिवारों के घरों में एक किलोवाट क्षमता के मुफ्त सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और लाभार्थियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों में कार्य एजेंसियों की नियुक्ति कर दी गई है तथा कई स्थानों पर स्थापना कार्य भी शुरू हो चुका है। विभाग नियमित रूप से इसकी प्रगति की निगरानी कर रहा है, ताकि तय समय के भीतर लक्ष्य हासिल किया जा सके।
सौरभ जोरवाल ने कहा कि सरकार ने अगले दो वर्षों में राज्य के सभी सरकारी भवनों और सरकारी विद्यालयों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। सरकारी कार्यालयों और स्कूलों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आएगी और सरकारी राजस्व की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देना समय की जरूरत है। इस योजना से गरीब परिवारों को किफायती और नियमित बिजली मिलेगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल बिहार को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है। यदि योजना समय पर पूरी होती है तो राज्य ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करेगा।




