बिहार में पंचायत चुनाव से पहले नहीं होगा परिसीमन, पुराने क्षेत्रों पर चुनाव
बिहार में पंचायत चुनाव से पहले नहीं होगा परिसीमन, पुराने क्षेत्रों पर ही होंगे चुनाव
पटना : बिहार में होने वाले पंचायत आम चुनाव 2026 से पहले चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार ने वार्ड, पंचायत और निर्वाचन क्षेत्रों के नये सिरे से गठन या पुनर्गठन का कोई निर्णय नहीं लिया है। इसका मतलब यह हुआ कि पंचायत चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर ही कराए जाएंगे और इस बार राज्य भर में पंचायतीराज संस्थाओं के करीब ढाई लाख पदों के लिए मतदान होगा।
इन पदों में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के विभिन्न निर्वाचित पद शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और वर्तमान परिसीमन को ही आधार मानकर चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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बिहार राज्य पंचायतीराज अधिनियम, 2006 के तहत परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से पंचायतों के भौगोलिक और जनसंख्यात्मक क्षेत्रों को परिभाषित किया जाता है ताकि विकेंद्रीकृत शासन का उद्देश्य पूरा किया जा सके। कानून के अनुसार, परिसीमन जनगणना के बाद किया जाना चाहिए, लेकिन वर्ष 2011 के बाद अब तक देश में कोई नई जनगणना नहीं हुई है। इसी वजह से बिहार समेत कई राज्यों में परिसीमन की प्रक्रिया लंबित है।
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राज्य सरकार को पंचायतों के वार्ड, पंचायत और निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन या नये सृजन का अधिकार है, लेकिन फिलहाल इस दिशा में कोई औपचारिक कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में आगामी पंचायत चुनाव पुराने परिसीमन के ढांचे पर ही संपन्न कराए जाएंगे।
चुनाव से पहले होगा आरक्षण रोस्टर का निर्धारण
हालांकि, पंचायत चुनाव से पहले सभी सीटों के लिए आरक्षण रोस्टर का निर्धारण किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की सूची चुनाव अधिसूचना से पहले जारी की जाएगी।
इसके लिए आयोग हरेक राजस्व ग्राम का वार्डवार आंकड़ा जिलों से मांगेगा। इसमें जनसंख्या, सामाजिक वर्गों का अनुपात और वर्तमान पदों की संख्या जैसे तथ्य शामिल होंगे। इन आंकड़ों का मिलान आयोग के डाटा बैंक से कर आरक्षण रोस्टर तैयार किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायसंगत हो सके।
अफवाहों से फैला भ्रम, आयोग करेगा कार्रवाई
इधर पंचायत चुनाव से पहले विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों में यह अफवाह तेजी से फैलाई जा रही है कि इस बार चुनाव से पहले क्षेत्र परिसीमन होगा और नये सिरे से पंचायतों व पंचायत समितियों के तहत वार्ड बनाए जाएंगे। इससे न केवल जनप्रतिनिधियों में बल्कि आम नागरिकों और आयोग के कर्मचारियों में भी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इन अफवाहों को निराधार बताया है और कहा है कि ऐसी कोई योजना फिलहाल नहीं है। आयोग इन भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार कर रहा है।
सितंबर से नवंबर के बीच हो सकते हैं चुनाव
सूत्रों के अनुसार, पंचायत चुनाव की प्रक्रिया दिसंबर से पहले पूरी की जानी है, ऐसे में राज्य में विभिन्न चरणों में सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2026 के बीच मतदान होने की संभावना है। आयोग जल्द ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें।





