सीमांचल दौरे पर अमित शाह की पैरामिलिट्री संग तीन घंटे समीक्षा बैठक
पैरामिलिट्री फोर्सेस के साथ करेंगे तीन घंटे की समीक्षा बैठक
अमित शाह के तीन दिवसीय सीमांचल दौरे को सुरक्षा और चुनावी तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह दौरा 25 फरवरी से 27 फरवरी तक तय है और पहले ही दिन 25 को Kishanganj, दूसरे दिन 26 को Araria तथा अंतिम दिन 27 को Purnia में कार्यक्रम रखे गए हैं। यात्रा की वजह से इस सीमा-क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक हलकों में सक्रियता बढ़ गई है।
आने वाले अप्रैल महीने में होने वाले चुनावों को लेकर यह दौरा अहम माना जा रहा है क्योंकि सीमांत इलाकों की संवेदनशीलता और घुसपैठ से जुड़ी चिंताओं का सीधा असर चुनावी परिस्थितियों पर पड़ सकता है। केंद्र सरकार की वरिष्ठ टीम और राज्य पुलिस के साथ मिलकर तीनों राज्यों/जिलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं, चौकसी बढ़ाने और संभावित खतरों का आकलन करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सुरक्षा समीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर तैनाती, पेट्रोलिंग, और बॉर्डर चेकपॉइंट्स की सख्ती पर चर्चा होने की संभावना है।
विशेष बात यह है कि दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री पारंपरिक दौरे से हटकर पैरामिलिट्री फोर्सेस के साथ लगभग तीन घंटे की विस्तारपूर्वक समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में केंद्रीय और राज्य स्तर के सुरक्षा अधिकारी, जोनल कमांडर और स्थानीय प्रशासनिक प्रमुख शामिल होंगे, जिनसे इलाके की भौगोलिक चुनौतियों, त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती और इंटेलिजेंस शेयरिंग के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। इस कड़े सुरक्षा फ्लैग से सीमा-पार गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के इरादे का इशारा मिलता है। पैरामिलिट्री फोर्सेस भी इस अकालीन समीक्षा में मुख्य भूमिका निभाएंगे।
स्थानीय प्रशासन ने पहले ही सीमावर्ती इलाकों को हाई-अलर्ट पर रखा है और जनता को शांति बनाये रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने का आह्वान किया है। अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि चुनावी माहौल को सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिये अतिरिक्त निगरानी और सीमांत पोस्टों पर टेक्निकल उपकरणों का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह का विस्तृत दौरा न सिर्फ़ सुरक्षा संदेश देता है बल्कि प्रशासनिक तंत्र को मजबूत कर के चुनावी प्रक्रियाओं पर विश्वास बनाए रखने में भी मदद करेगा। सीमांचल दौरे के समापन के बाद जारी किए जाने वाले किसी भी आधिकारिक वक्तव्य में आगे की रणनीतियाँ और तैनाती संबंधी निर्देशों का खुलासा सम्भव है। Bihar प्रशासन और केंद्र की टीम के बीच समन्वय इस दौर का मुख्य फ़ोकस रहेगा।




