नालंदा : विश्व बाघ दिवस 2026 के अवसर पर राजगीर जू सफारी में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को समर्पित भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिहार वेटनरी कॉलेज, पटना और राजगीर जू सफारी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के माध्यम से वन्यजीव चिकित्सा, स्वास्थ्य, अनुसंधान, पशु चिकित्सा छात्रों के प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और क्षमता विकास के क्षेत्र में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (आरसीसीएफ) डॉ. नेसामणि के. रहे, जबकि बिहार वेटनरी कॉलेज के डीन डॉ. पल्लव शेखर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान जू सफारी परिसर में एटीएम का उद्घाटन भी किया गया।
विश्व बाघ दिवस के उपलक्ष्य में राजगीर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में लगभग 480 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में बाघ संरक्षण, जैव विविधता तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. नेसामणि के. ने कहा कि बाघ केवल भारत की राष्ट्रीय धरोहर ही नहीं, बल्कि वन पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेतक भी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
बिहार वेटनरी कॉलेज के डीन डॉ. पल्लव शेखर ने एमओयू को वन्यजीव उपचार, अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए मील का पत्थर बताया। वहीं, राजगीर जू सफारी के निदेशक राम सुंदर एम. ने कहा कि यह पहल बिहार में वन्यजीव संरक्षण को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगी तथा भविष्य में भी जू सफारी संरक्षण, शिक्षा और जन-जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखेगा। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




