मधुबनी जिले में विकास योजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा को लेकर समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी Anand Sharma ने की, जिसमें जिला स्तर के सभी विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता, विभागों के बीच समन्वय तथा प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं से विभागवार और योजनावार चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है, वहां जल्द से जल्द आगे की कार्रवाई शुरू की जाए ताकि निर्धारित समय के भीतर योजनाओं को पूरा किया जा सके। उन्होंने विशेष रूप से नल-जल योजना के तहत शेष बचे टोले में भी भूमि उपलब्ध कराकर योजना को लागू करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई विभाग, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई। इन विभागों से संबंधित भू-अर्जन, भूमि अतिक्रमण, सीमांकन, एनओसी और योजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाना जरूरी है, ताकि विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंच सके।
बैठक में प्रशासनिक मामलों की समीक्षा करते हुए जिला नीलाम पत्र वाद, मुख्यमंत्री जनता दरबार, जिला स्तरीय जनता दरबार, सीपी ग्राम पोर्टल, सूचना का अधिकार और मानवाधिकार से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। नीलाम पत्र वादों के संबंध में बताया गया कि पिछले सप्ताह केवल 13 लंबित मामलों का निष्पादन हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से निपटाया जाए।
उन्होंने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बड़ी राशि से जुड़े कम से कम पांच मामलों का चयन कर उनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सेवांत लाभ की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को समय पर सभी लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति से छह महीने पहले ही उनके सेवांत लाभ से संबंधित प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेज दिए जाएं, ताकि सेवा निवृत्ति के दिन ही उन्हें सभी भुगतान मिल सके।
जन शिकायतों की समीक्षा के दौरान पुलिस, राजस्व, शिक्षा और आईसीडीएस विभाग में सबसे अधिक आवेदन लंबित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय पर निष्पादित किया जाए।
इसके अलावा उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में एडीएम आपदा संतोष कुमार, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, डीआरडीए निदेशक, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक स्तर पर आयोजित इस बैठक में विकास योजनाओं को तेज गति से लागू करने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया गया।





