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नालंदा में बड़ी चोरी का खुलासा, दस दिन में सभी आरोपी गिरफ्तार

लहेरी थाना पुलिस नीतिश रंजन ने मुख्य आरोपी सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया।

नालंदा जिले के लहेरी थाना क्षेत्र में हुई एक बड़ी चोरी की घटना का पुलिस ने करीब दस दिनों के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और चोरी की गई बड़ी मात्रा में संपत्ति भी बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार, लहेरी थाना क्षेत्र के शिवपुरी भैसासुर मोहल्ले के निवासी अविनाश कुमार ने 26 फरवरी 2026 को अपने घर में हुई चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि उनके घर से लगभग 73 लाख रुपये मूल्य के गहने और अन्य सामान चोरी कर लिए गए हैं। इस आधार पर लहेरी थाना में कांड संख्या 85/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कुख्यात चोर आदित्य कुमार उर्फ चिकारा पर संदेह हुआ। तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी पहचान की पुष्टि की गई।

इसके बाद पुलिस ने 6 और 7 मार्च की रात से बिहारशरीफ के शहरी क्षेत्रों में छापेमारी अभियान शुरू किया। लगातार पीछा करने के बाद 8 मार्च को पुलिस ने आरोपी आदित्य कुमार उर्फ चिकारा को पटना सिटी बाईपास स्थित उसके किराये के मकान से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ विपेन्द्र कुमार को भी पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।

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जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने चोरी की संपत्ति को छुपाने और खरीदने में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। इनमें रोहित शर्मा, रौशन कुमार, रजत खत्री, कपिल कुमार, सविता देवी और वर्षा कुमारी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, रजत खत्री और कपिल कुमार चोरी किए गए सोने को खरीदने और गलाने का काम करते थे।

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पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सविता देवी और वर्षा कुमारी मुख्य आरोपी आदित्य कुमार की मां और बहन हैं, जिन्होंने चोरी के गहनों और पैसे को छुपाने में उसकी मदद की थी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने चोरी के गहनों में से गलाया हुआ सोना समेत कुल 132.68 ग्राम सोना, 23 लाख 39 हजार रुपये नकद, एक बिना नंबर की केटीएम मोटरसाइकिल और गोदरेज तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए गए दो पेचकश बरामद किए हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी आदित्य कुमार उर्फ चिकारा पहले से ही कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और विभिन्न थानों में उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस पूरे मामले के खुलासे में थानाध्यक्ष लहेरी, बिहार, पु०अ०नि० रितुराज, नीतिश रंजन लहेरी थाना एवं लहेरी थाना एवं जिला आसूचना इकाई नालंदा तथा अन्य पुलिस अधिकारियों की अहम भूमिका रही। पुलिस अब सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी गहन जांच कर रही है।

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इस तरह पुलिस ने दस दिनों के भीतर इस बड़े चोरी कांड का पर्दाफाश कर चोरी की गई संपत्ति का बड़ा हिस्सा बरामद करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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