- 15 मार्च तक चलेगा मॉप-अप राउंड
- फाइलेरिया उन्मूलन के लिए शत-प्रतिशत दवा सेवन जरूरी
गोपालगंज जिले में होली के अवसर पर घर लौटने वाले प्रवासियों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिले में 10 से 27 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन अभियान संचालित किया गया था, जिसमें आशा कार्यकर्ताओं ने 14 दिनों तक घर-घर जाकर और तीन दिनों तक बूथ लगाकर लक्षित लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवा दी। अब छूटे हुए लोगों को कवर करने के लिए मॉप-अप राउंड शुरू किया गया है।
राज्य स्तर से जारी निर्देश के अनुसार यह मॉप-अप अभियान अधिकतम 15 मार्च 2026 तक चलाया जाएगा। अपर निदेशक सह फाइलेरिया के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. श्यामा राय द्वारा सभी जिलों के सिविल सर्जनों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। भारत सरकार के एनसीवीबीडीसी की गाइडलाइन के मुताबिक घर-घर गतिविधि और बूथ गतिविधि के बाद एक सप्ताह का मॉप-अप अभियान अनिवार्य है।
होली के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों से अपने घर लौटते हैं। ऐसे में इन्हें दवा से वंचित रह जाने की आशंका रहती है, जिससे संक्रमण की कड़ी टूटने में देरी हो सकती है। इस चुनौती को देखते हुए विशेष रणनीति बनाई गई है। टेम्पो स्टैंड, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अस्थायी कैंप लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए शत-प्रतिशत दवा सेवन बेहद जरूरी है। यदि एक भी बड़ा वर्ग छूट जाता है तो संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसी उद्देश्य से राज्य से लेकर पंचायत स्तर तक निगरानी तंत्र सक्रिय किया गया है।
अभियान का मुख्य लक्ष्य जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाना है। स्वास्थ्यकर्मी लोगों को दवा सेवन के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं, ताकि किसी तरह की भ्रांति या डर के कारण कोई व्यक्ति दवा लेने से वंचित न रह जाए। होली की खुशियों के बीच यह ‘सुरक्षा की खुराक’ लोगों को एक गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।




