दिल्ली स्टेशन की TTE मोनी नैन के रील्स पर DRM का हस्तक्षेप’
दिल्ली स्टेशन की TTE मोनी नैन के रील्स पर DRM का हस्तक्षेप; ड्यूटी बनाम शो-बाज़ी की बहस

दिल्ली : रेलवे कर्मचारियों के सोशल मीडिया उपयोग और ड्यूटी की पारदर्शिता को लेकर फिर एक बार विवाद उठ खड़ा हुआ है। मोनी नैन — जो कि New Delhi Railway Station पर TTE-cum-TC के पद पर तैनात हैं — को लेकर हाल ही में सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हुई, क्योंकि उनके इंस्टाग्राम रील्स तेजी से वायरल हो रहे थे। रिपोर्ट मुताबिक उनके लगभग 3.5 लाख (350K+) फॉलोअर्स हैं और वे प्लेटफ़ॉर्म पर नियमित रूप से शॉर्ट वीडियो (रील) बनाती रहती थीं।
हालिया घटनाक्रम में दिल्ली डिवीजन के डीआरएम कार्यालय ने इन रील्स पर संज्ञान लेते हुए निर्देश जारी किया कि जिन रील्स में ड्यूटी के काम करते हुए दिखाया गया है, उन्हें हटाया जाए। अधिकारियों ने इस कदम को स्टेशन पर कर्तव्यों के निर्वहन और सुरक्षात्मक प्रक्रियाओं के साथ संभावित असंगति की आशंका से जोड़ा है। DRM कार्यालय ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों और ड्यूटी के समय रिकॉर्ड किए गए कंटेंट के असर और अनुकूलता को प्राथमिकता के साथ देखा जा रहा है। (DRM कार्यालय ने आधिकारिक बयान जारी कर मामला स्पष्ट करेगा।)
रेलवे में इस तरह के मामलों पर आमतौर पर कर्मियों के आचरण, सुरक्षात्मक नियमों और नागरिकों की गोपनीयता के मानदंड लागू होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर बड़े फॉलोअर बेस वाले सरकारी कर्मियों के व्यवहार पर विभागीय नियमों और सार्वजनिक भरोसे के नजरिए से भी विचार आवश्यक है। कुछ रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों ने सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग — जनसुविधाओं की जानकारी देने और यात्रियों से संवाद बढ़ाने — के रूप में सराहा है, तो कुछ ने कहा कि ड्यूटी के समय अधिक पब्लिसिटी व शो-इवेंट प्रकरण से कार्य निष्पादन प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि DRM के निर्देश के बाद मोनी नैन ने अपने ड्यूटी-संबंधी रील्स हटा दिए हैं। हालांकि वे अन्य गैर-ड्यूटी वीडियो और निजी सामग्री जारी कर सकती हैं, पर आधिकारिक निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। यह भी बताया गया कि विभाग इस तरह की स्थितियों को रोकने के लिए स्पष्ट गाइडलाइन्स तैयार करने पर विचार कर रहा है ताकि कर्मियों की डिजिटल उपस्थिति और कार्यक्षेत्र के नियमों में संतुलन बना रहे।
इस मुद्दे ने रेलवे में सोशल मीडिया नीति, कर्मचारी अनुशासन और सार्वजनिक कर्तव्यों के बीच संतुलन पर बहस को फिर हवा दी है। फिलहाल DRM कार्यालय और संबंधित अधिकारियों द्वारा आगे की समीक्षा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।




