‘भारत टैक्सी’ लॉन्च: फिक्स किराया, ड्राइवरों को 80% आय – अमित शाह
‘भारत टैक्सी’ लॉन्च: कोई कमीशन नहीं, हर किलोमीटर का फिक्स किराया, ड्राइवरों को 80% आय - अमित शाह
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारी मॉडल पर आधारित कैब सेवा ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत करते हुए इसे देश के ड्राइवरों के लिए एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह सेवा प्रति किलोमीटर न्यूनतम आधार किराया सुनिश्चित करेगी और कुल आय का 80 प्रतिशत हिस्सा सीधे चालकों को दिया जाएगा।
दिल्ली में आयोजित संवाद कार्यक्रम में शाह ने कहा कि मौजूदा निजी राइड-हेलिंग कंपनियां कमीशन आधारित मॉडल पर काम करती हैं, जहां 25 से 30 प्रतिशत तक की कटौती आम है। इसके विपरीत ‘भारत टैक्सी’ किसी प्रकार का कमीशन नहीं लेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी एग्रीगेटर कंपनियों ने न्यूनतम किराये का मानक तय नहीं किया, जिससे ड्राइवरों की आय अस्थिर रहती है।
शाह के अनुसार, ‘भारत टैक्सी’ का उद्देश्य अधिकतम लाभ कमाना नहीं, बल्कि श्रमिकों को मुनाफे में भागीदार बनाना है। प्लेटफॉर्म की कुल आय का 80 प्रतिशत ड्राइवरों को उनकी तय की गई दूरी के आधार पर दिया जाएगा, जबकि शेष 20 प्रतिशत सहकारी पूंजी के रूप में रखा जाएगा। शुरुआती तीन वर्षों तक यह राशि सेवा के विस्तार और ढांचे को मजबूत करने में खर्च की जाएगी। बाद के वर्षों में भी लाभांश का अनुपात 80:20 ही रहेगा।
उन्होंने बताया कि किराये की गणना वाहन की लागत, ईंधन खर्च और न्यूनतम लाभ को ध्यान में रखकर तय की जाएगी। इससे कम दर पर संचालन की अनुमति नहीं होगी। सरकार का लक्ष्य दो वर्षों में 15 करोड़ ड्राइवरों को इस सहकारी मॉडल से जोड़ना और तीन वर्षों के भीतर नगर निगम वाले सभी शहरों में सेवा का विस्तार करना है। फिलहाल यह सेवा दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के राजकोट में शुरू की गई है।
शाह ने कहा कि यह पहल एक बड़े सहकारी आंदोलन का रूप लेगी। ड्राइवर 500 रुपये का शेयर लेकर सह-स्वामी बन सकते हैं। भविष्य में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में उनके प्रतिनिधियों के लिए स्थान आरक्षित किए जाएंगे, ताकि नीति निर्माण में उनकी सीधी भागीदारी हो सके।
सहकारिता के सफल उदाहरण के रूप में उन्होंने Amul का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह अमूल ने उत्पादकों को लाभ में हिस्सेदारी दी, उसी तर्ज पर ‘भारत टैक्सी’ गतिशीलता क्षेत्र में कार्य करेगी।
महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘सारथी दीदी’ फीचर भी लॉन्च किया गया है, जिसके तहत अकेली महिला यात्री महिला चालक को प्राथमिकता दे सकेंगी। साथ ही तीन-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र—ऑनलाइन, कॉल सेंटर और भौतिक माध्यम—की व्यवस्था की गई है। वाहन खरीद के लिए सहकारी बैंकों के जरिए आसान ऋण और बीमा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
शाह ने ड्राइवरों से स्वयं को ‘सारथी’ कहने का आग्रह करते हुए कहा कि यह पहल केवल बाजार प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि श्रम की गरिमा स्थापित करने की दिशा में कदम है।





