पटना : कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार के सहयोग तथा विश्वा, पटना के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय ‘पटरंगम 2026 – पटना रंग महोत्सव’ का गुरुवार को प्रेमचंद रंगशाला, राजेंद्र नगर में भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू और भारतीय जनता पार्टी कला संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष वरुण कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रंगकर्मी, साहित्यकार, कलाकार और कला-प्रेमी उपस्थित रहे।
महोत्सव के पहले दिन रंगमंच और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, न्याय व्यवस्था और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। शाम को वॉयस फाउंडेशन, पटना ने ‘पर्यावरण का महत्व’ शीर्षक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। लेखक एवं निर्देशक विवेक कुमार ओझा की इस प्रस्तुति में यमराज और चित्रगुप्त के संवादों के माध्यम से प्रदूषण, वृक्षों की अंधाधुंध कटाई और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को प्रभावशाली तरीके से दर्शाया गया।
इसके बाद क्रिएशन, पटना ने प्रसिद्ध नाटककार शंकर शेष के चर्चित नाटक ‘आधी रात के बाद’ का मंचन किया। युवा निर्देशक उत्तम कुमार के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक ने कानून, न्याय और नैतिक मूल्यों के बीच के संघर्ष को संवेदनशीलता के साथ मंच पर जीवंत किया। कलाकार गौतम कुमार, अभिषेक आनंद और अभिषेक शर्मा के सशक्त अभिनय ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। वहीं रोशन कुमार की प्रकाश व्यवस्था और रंजीत कुमार के ध्वनि संयोजन ने प्रस्तुति को और प्रभावशाली बनाया।
आयोजकों ने बताया कि 24 और 25 जुलाई को भी महोत्सव के तहत बिहार के विभिन्न रंग समूह सामाजिक, सांस्कृतिक और समकालीन विषयों पर आधारित नाटकों की प्रस्तुति देंगे। पहले दिन दर्शकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह संकेत दिया कि पटरंगम 2026 राजधानी में रंगमंच प्रेमियों के लिए एक यादगार सांस्कृतिक आयोजन बनने जा रहा है।




