एपस्टीन फाइल्स: यूएई राजनयिक, बहन जिक्र से हड़कंप
एपस्टीन फाइल्स में यूएई की राजनयिक का नाम, ईमेल में बहन का जिक्र — नए खुलासों से मचा हड़कंप

नई दिल्ली : कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामलों में एक बार फिर सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एक वरिष्ठ राजनयिक हिंद अल-ओवैस का नाम सामने आया है। इन दस्तावेजों के मुताबिक, हिंद अल-ओवैस और एपस्टीन के बीच सैकड़ों ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था, जिनमें निजी मुलाकातों और उनकी छोटी बहन से जुड़े जिक्र भी शामिल हैं।
अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी “एपस्टीन फाइल्स” के अनुसार, 2011 से 2012 के बीच हिंद अल-ओवैस और जेफरी एपस्टीन के बीच करीब 469 ईमेल का आदान-प्रदान हुआ। इन ईमेल्स में सामाजिक मुलाकातों, यात्राओं और निजी बातचीत का उल्लेख है। एक ईमेल में अल-ओवैस ने लिखा था कि उनकी छोटी बहन उनसे भी ज्यादा खूबसूरत है और वह चाहती हैं कि उसकी मुलाकात एपस्टीन से हो।
कौन हैं हिंद अल-ओवैस
हिंद अल-ओवैस वर्तमान में यूएई की स्थायी मानवाधिकार समिति (PCHR) की निदेशक हैं। इससे पहले वह संयुक्त राष्ट्र में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी काम कर चुकी हैं। उनके नाम का इन दस्तावेजों में सामने आना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों में अल-ओवैस पर किसी भी तरह के आपराधिक कृत्य का सीधा आरोप नहीं लगाया गया है।
ईमेल में क्या लिखा है
दस्तावेजों के अनुसार, एक ईमेल में अल-ओवैस ने एपस्टीन को लिखा, “मेरी बहन यहां है और मैंने उसे आपके बारे में बहुत कुछ बताया है। मैं चाहती हूं कि वह आपसे मिले।”
एक अन्य ईमेल में उन्होंने कहा, “मैं आपसे मिलने और अपनी बहन से परिचय कराने को लेकर बहुत उत्साहित हूं, वह मुझसे भी ज्यादा खूबसूरत है।”
इसके जवाब में एपस्टीन ने पूछा था कि क्या वे सुबह करीब 11 बजे आ सकती हैं ताकि उसे “दोनों के साथ ज्यादा समय” मिल सके। इससे साफ होता है कि दोनों के बीच बातचीत केवल औपचारिक नहीं, बल्कि निजी और घनिष्ठ स्तर की थी।
एपस्टीन और हिडन कैमरे
दस्तावेजों में यह भी सामने आया है कि जेफरी एपस्टीन ने अपने घरों में छोटे और आसानी से छुपाए जाने वाले हिडन कैमरे खरीदे थे। ये कैमरे दीवारों और फॉल्स सीलिंग के अंदर लगाए गए थे, ताकि आने-जाने वाले हाई प्रोफाइल मेहमानों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा सके। एक ऑटोमेटेड रिकॉर्डिंग सिस्टम का भी उल्लेख किया गया है, जिससे पता चलता है कि एपस्टीन अपने मेहमानों पर नजर रखता था।
आपराधिक आरोप नहीं, लेकिन सवाल जरूर
हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि हिंद अल-ओवैस पर किसी तरह का आपराधिक आरोप नहीं है। लेकिन ईमेल्स से यह जरूर सामने आया है कि एपस्टीन के साथ उनका लगातार संपर्क था और निजी स्तर पर बातचीत होती थी। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
क्यों है मामला संवेदनशील
जेफरी एपस्टीन का नाम दुनिया के सबसे कुख्यात यौन अपराधियों में लिया जाता है। उस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और तस्करी जैसे गंभीर आरोप थे। ऐसे में किसी वरिष्ठ राजनयिक का नाम उसके साथ ईमेल संवाद में सामने आना बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
आगे क्या
फिलहाल अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी दस्तावेजों के आधार पर मीडिया और जांच एजेंसियां इन ईमेल्स का विश्लेषण कर रही हैं। यह देखा जा रहा है कि क्या इन संवादों का कोई कानूनी या नैतिक असर पड़ेगा। अभी तक अल-ओवैस की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कुल मिलाकर, एपस्टीन फाइल्स से जुड़े ये नए खुलासे एक बार फिर दिखाते हैं कि उसका नेटवर्क कितना बड़ा और प्रभावशाली लोगों तक फैला हुआ था। भले ही अभी कोई आपराधिक आरोप न हो, लेकिन ईमेल्स में दर्ज बातचीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।





