केंद्र–राज्य समन्वय से मप्र में सड़क परियोजनाओं को मिली तेज़ रफ्तार: गडकरी
केन्द्र और राज्य के बेहतर समन्वय से म.प्र. में सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आई उल्लेखनीय गति : नितिन गडकरी
भोपाल : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के कारण मध्यप्रदेश में सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय तेजी आई है। उन्होंने सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए सभी प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
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दिल्ली में आयोजित मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में गडकरी ने कहा कि सिंहस्थ जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए सुदृढ़, सुरक्षित और सुगम सड़क संपर्क व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सड़क विस्तार, सुदृढ़ीकरण और गुणवत्ता आधारित निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।
बैठक में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के अंतर्गत सौंदर्यीकरण, पुल और पुलिया निर्माण तथा ब्लैक स्पॉट रेक्टिफिकेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं बल्कि क्षेत्रीय विकास, निवेश और जनसुविधा का आधार होती हैं, इसलिए सुरक्षा और सौंदर्य दोनों पर ध्यान देना आवश्यक है।
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उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क निर्माण की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाएं तकनीकी मानकों के अनुरूप ही होनी चाहिए।
गडकरी ने कहा कि वृक्ष कटाई को न्यूनतम रखते हुए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से ट्री ट्रांसप्लांट को प्राथमिकता दी जाए ताकि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कॉन्ट्रैक्टर्स से सीधे संवाद कर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की।
उन्होंने टोल सड़कों की स्थिति पर विशेष जोर देते हुए कहा कि टोल टैक्स वसूली वाली सड़कों की गुणवत्ता उत्कृष्ट होनी चाहिए। यदि किसी टोल रोड की हालत मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तो संबंधित संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मंथन बैठक केंद्र और राज्य के बीच संस्थागत समन्वय को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण स्वीकृति, निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता जैसे मुद्दों पर समन्वित निर्णय लिए गए हैं जिससे परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत और सुरक्षित सड़क नेटवर्क प्रदेश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास, पर्यटन विस्तार और रोजगार सृजन की आधारशिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश की सड़क अवसंरचना को नई दिशा मिलेगी और नागरिकों को विश्वस्तरीय यातायात सुविधाएं मिलेंगी।





