नई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 5 से 8 जनवरी 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो गए हैं। यह दौरा भारत की मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग और सैन्य संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इस यात्रा का पहला चरण 5 और 6 जनवरी को यूएई में होगा। इस दौरान जनरल द्विवेदी यूएई सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण, सैन्य आदान-प्रदान और रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। वे वहां प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों का भी दौरा करेंगे और आधुनिक रक्षा ढांचे तथा तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे।
यूएई यात्रा के बाद जनरल द्विवेदी 7 और 8 जनवरी को श्रीलंका का दौरा करेंगे। वहां वे श्रीलंकाई सेना के कमांडर, रक्षा उप मंत्री और रक्षा सचिव सहित कई वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच प्रशिक्षण सहयोग, क्षमता निर्माण, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
सेना प्रमुख श्रीलंका में आईपीकेएफ (भारतीय शांति सेना) युद्ध स्मारक पर जाकर शहीद भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे, जिन्होंने श्रीलंका में शांति स्थापना के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह दौरा भारत के “पड़ोसी पहले” और “एक्ट ईस्ट” जैसी विदेश नीति पहलों के अनुरूप भी है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर मजबूत रक्षा साझेदारी बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत के सामरिक हितों को मजबूत करने और मित्र देशों के साथ भरोसेमंद रक्षा साझेदारी को और गहराने में अहम भूमिका निभाएगी।




