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खरमास बाद चिराग की बिहार यात्रा, नई दलित सेना गठन अरुण…

खरमास के बाद बिहार यात्रा पर निकलेंगे चिराग पासवान, नई दलित सेना गठन की जिम्मेदारी अरुण भारती को

केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने शुक्रवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घोषणा की कि खरमास खत्म होते ही पार्टी पूरे बिहार में एक व्यापक “धन्यवाद यात्रा” शुरू करेगी। इस यात्रा का उद्देश्य बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली ऐतिहासिक जीत के लिए जनता को धन्यवाद देना और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर प्रदेशभर में संवाद स्थापित करना होगा।

चिराग पासवान ने बताया कि यह यात्रा मकर संक्रांति के बाद आयोजित दही-चूड़ा भोज के तुरंत बाद शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का धन्यवाद अभियान पूरी तरह जन-संपर्क आधारित होगा, जिसमें राज्य के सभी जिलों और प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा, “बिहार की जनता ने एनडीए पर जो विश्वास जताया है, वह अभूतपूर्व है। जनता का यह समर्थन हम सभी के लिए प्रेरणा है। इस यात्रा से हम लोगों से सीधे जुड़ेंगे और उन्हें धन्यवाद देंगे।”

नई दलित सेना के गठन की घोषणा

प्रेस वार्ता के दौरान चिराग पासवान ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की—दलित सेना का पुनर्गठन। उन्होंने बताया कि उनके पिता, स्वर्गीय रामविलास पासवान ने पार्टी की स्थापना से पहले दलित सेना का गठन किया था, जो सामाजिक न्याय, दलित उत्थान और संगठन विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही।

चिराग ने आरोप लगाया कि उनके चाचा पशुपति कुमार पारस ने न केवल पार्टी को विभाजित किया बल्कि दलित सेना को भी “हड़पने” का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “दलित सेना हमारे आंदोलन की आत्मा रही है। इसे फिर से मजबूत करेंगे, नए सिरे से बनाएंगे, और युवाओं को व्यापक रूप से जोड़ेंगे।”

इसके लिए चिराग पासवान ने अपने जीजा और जमुई से सांसद अरुण भारती को ज़िम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि वे नई दलित सेना के पुनर्गठन का नेतृत्व करेंगे। साथ ही दलित सेना के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान मंत्री संजय पासवान भी इस प्रक्रिया में अरुण भारती का सहयोग करेंगे। पार्टी का मानना है कि नया संगठन राज्य में सामाजिक न्याय और राजनीतिक विस्तार दोनों के लिए निर्णायक भूमिका निभाएगा।

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बिहार यात्रा से राजनीतिक संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग पासवान की यह यात्रा भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। इससे एक ओर एनडीए का जनाधार मजबूत होगा, वहीं दूसरी ओर चिराग पासवान की नेतृत्व क्षमता को नए आयाम मिलेंगे। इस यात्रा का संदेश साफ है—चिराग बिहार में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को और मजबूत करना चाहते हैं तथा दलित वर्ग और युवा मतदाताओं तक फिर से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।

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पार्टी का कहना है कि यात्रा के दौरान रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे बुनियादी मुद्दों पर लोगों की राय सुनी जाएगी। साथ ही एनडीए की भविष्य की संयुक्त राजनीतिक दिशा और कार्यक्रम भी जनता के सामने रखे जाएंगे।

जनता से मिलने का बड़ा अभियान

चिराग पासवान ने कहा कि धन्यवाद यात्रा कोई पारंपरिक रैली नहीं होगी, बल्कि यह घर-घर जाकर लोगों से मिलने का एक अभियान होगा। जिलों, प्रखंडों और पंचायत स्तर पर सभाएं, संवाद कार्यक्रम और सड़क यात्राएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की प्राथमिकता बिहार को विकास के हर पैमाने पर आगे बढ़ाना है।

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अंत में चिराग ने दोहराया कि नए वर्ष की शुरुआत के साथ पार्टी “नई ऊर्जा, नए संगठन और नए आत्मविश्वास” के साथ जनता के बीच उतरेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार की जनता इस अभियान का स्वागत करेगी और पार्टी को पहले से अधिक समर्थन देगी।

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