समस्तीपुर शहर में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) दिलीप कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को शहर के विभिन्न होटलों और खानपान प्रतिष्ठानों में औचक जांच अभियान चलाया गया।’
इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों में न किया जाए। प्रशासन का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर का होटल, ढाबा या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग करना कानूनन अपराध है। यह द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत दंडनीय माना जाता है।’
जांच के दौरान प्रशासनिक टीम ने शहर के कई प्रमुख होटलों और रेस्टोरेंट में गैस सिलेंडरों के उपयोग की स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गैस सिलेंडरों की श्रेणी, कनेक्शन और उपयोग से जुड़ी जानकारी की भी जांच की। राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान किसी भी होटल में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग नहीं पाया गया।
हालांकि प्रशासन ने इस मामले में स्पष्ट संदेश देते हुए होटल संचालकों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सख्त चेतावनी दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि भविष्य में किसी भी स्थान पर घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध उपयोग पाया गया तो संबंधित संचालक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीओ दिलीप कुमार ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को मिलने वाली घरेलू गैस की आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि घरेलू सिलेंडरों का उपयोग बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियों में होने लगे तो इससे आम लोगों को गैस की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इसी कारण प्रशासन समय-समय पर ऐसे जांच अभियान चलाता है।
उन्होंने सभी होटल, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों से अपील की कि वे केवल व्यावसायिक श्रेणी के एलपीजी सिलेंडरों का ही उपयोग करें और नियमों का पूरी तरह पालन करें। इससे न केवल कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है बल्कि गैस वितरण प्रणाली भी सुचारू बनी रहती है।
इस जांच अभियान में एसडीओ दिलीप कुमार के साथ प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी कुमार शुभम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आगे भी समय-समय पर ऐसे औचक निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे, ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो सके।




