बिहार सहित विपक्ष सक्रिय, CEC ज्ञानेश कुमार हटाने का प्रस्ताव तैयारी
विपक्षी दल संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव लाने की तैयारी में, नोटिस का मसौदा तैयार और सांसदों के हस्ताक्षर जुटाए जा रहे।

मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar को पद से हटाने को लेकर विपक्षी दलों ने संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में नोटिस का मसौदा तैयार कर लिया गया है और इसे इसी सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार विपक्षी गठबंधन INDIA Alliance से जुड़े कई दल इस प्रस्ताव को लेकर एकजुट हैं। विपक्षी सांसद अब दोनों सदनों में प्रस्ताव लाने के लिए आवश्यक हस्ताक्षर जुटाने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक नोटिस तैयार करने की प्रक्रिया में कई दलों के सांसद शामिल रहे हैं। इस मसौदे को तैयार करने में विभिन्न दलों ने मिलकर काम किया है। एक सांसद ने बताया कि यह पूरी तरह से सामूहिक प्रयास है और संसद के दोनों सदनों में इसे पेश करने की रणनीति बनाई जा रही है।
विपक्ष का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पद की जिम्मेदारियों का ठीक से निर्वहन नहीं किया है। इसी आधार पर उन्हें पद से हटाने की मांग की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी आधिकारिक तौर पर प्रस्ताव संसद में पेश नहीं किया गया है।
नियमों के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया काफी कठिन और संवैधानिक है। यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के किसी न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया के समान होती है। केवल दुर्व्यवहार या अक्षमता जैसे गंभीर आरोपों के आधार पर ही महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है।
प्रस्ताव लाने के लिए संसद के किसी एक सदन में नोटिस दिया जा सकता है। लोकसभा में इसके लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं, जबकि राज्यसभा में 50 सांसदों का समर्थन आवश्यक होता है।
यदि नोटिस स्वीकार कर लिया जाता है, तो इस पर संसद में चर्चा होती है और मतदान कराया जाता है। प्रस्ताव को पारित कराने के लिए दोनों सदनों में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव संसद में आता है तो यह भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम साबित हो सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि विपक्ष कब और कैसे इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से संसद में पेश करता है।





