बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत निगरानी विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहतास जिले में पंचायत सचिव को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामला रोहतास जिले के करगहर प्रखंड स्थित ठोरसन पंचायत का है। यहां के पंचायत सचिव ऋतु रंजन पंडित पर आरोप है कि उन्होंने वार्ड सदस्य धर्मेंद्र कुमार पटेल से नल-जल योजना के तहत अनुरक्षक के दो वर्षों के बकाया भुगतान के लिए 12 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। बताया जाता है कि भुगतान फाइल को आगे बढ़ाने के नाम पर यह राशि मांगी गई थी।
वार्ड सदस्य ने इस मांग की सूचना निगरानी विभाग को दी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले की प्राथमिक जांच की और आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजना के तहत करगहर प्रखंड के सीढ़ी गांव में जाल बिछाया गया। जैसे ही पंचायत सचिव ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
इस संबंध में विजिलेंस की डीएसपी रीता कुमारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर विधिवत कार्रवाई की गई। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना ले जाया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य में नल-जल योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार सख्ती बरत रही है। निगरानी विभाग द्वारा हाल के महीनों में कई अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम जनता और जनप्रतिनिधियों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं भी अवैध वसूली या रिश्वत की मांग की जाती है तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।




