सहरसा : वेतन वृद्धि, सेवा नियमितीकरण और बकाया वेतन के भुगतान सहित अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर सहरसा नगर निगम के सफाईकर्मी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हड़ताल के पहले दिन बड़ी संख्या में सफाईकर्मी नगर निगम परिसर में एकत्र हुए और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। सफाईकर्मियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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सफाईकर्मियों ने बताया कि कई कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला है और बड़ी संख्या में कर्मी अस्थायी रूप से कार्यरत हैं, जिन्हें नियमित करने की मांग लगातार की जा रही है। इसके अलावा वेतनमान में वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा, ईपीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाएं भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं।
कर्मचारियों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन सिर्फ आश्वासन देता रहा है, लेकिन जमीन पर कोई सुधार नहीं हुआ। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
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इस दौरान सदर विधायक भी नगर निगम परिसर पहुंचे और सफाईकर्मियों से संवाद किया। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और नगर आयुक्त व मेयर से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।
सदर विधायक ने कहा कि सफाईकर्मी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने प्रशासन से कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने और शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
नगर निगम प्रशासन की ओर से कहा गया है कि हड़ताल के कारण उत्पन्न स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक सेवाओं को बाधित न होने देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही, कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल सफाईकर्मियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।




