Mangal Antardasha में हनुमान जी की पूजा से बदल सकती है किस्मत
मंगल अंतर्दशा में हनुमान जी की पूजा से बदल सकती है किस्मत, जानिए असरदार उपाय
सनातन धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन हनुमान जी की भेंट भगवान श्रीराम से हुई थी। इसलिए हर मंगलवार हनुमान जी की पूजा, व्रत और भक्ति करने से जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं। खासकर जिन जातकों की कुंडली में मंगल की अंतर्दशा चल रही होती है, उनके लिए हनुमान जी की उपासना अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
ज्योतिष के अनुसार मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, आत्मबल और पराक्रम का कारक माना जाता है। मंगल कमजोर होने पर व्यक्ति को करियर, स्वास्थ्य और रिश्तों में संघर्ष झेलना पड़ता है। वहीं मंगल मजबूत हो तो जीवन में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और कार्यों में सफलता मिलती है। यही कारण है कि मंगल की दशा-अंतर्दशा के दौरान हनुमान जी की पूजा करने की विशेष सलाह दी जाती है।
मंगल देव का महत्व
मंगल देव को भूमि पुत्र कहा जाता है और वे मेष व वृश्चिक राशि के स्वामी हैं। ज्योतिषियों के अनुसार मंगल की महादशा कुल 7 वर्षों की होती है, जिसमें विभिन्न ग्रहों की अंतर्दशाएं आती हैं। यदि मंगल की महादशा या अंतर्दशा शुभ हो तो व्यक्ति को करियर, व्यापार और जीवन में उन्नति मिलती है, लेकिन यदि यह अशुभ हो तो क्रोध, दुर्घटना, तनाव और विवाद जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
हनुमान जी को मंगल ग्रह का कारक देव माना जाता है। उनकी भक्ति से मंगल देव प्रसन्न होते हैं और साधक पर अपनी कृपा बरसाते हैं।
हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय
यदि मंगल की अंतर्दशा में जीवन में रुकावटें आ रही हों, तो मंगलवार के दिन ये उपाय अपनाए जा सकते हैं:
सुबह स्नान कर स्वच्छ लाल वस्त्र पहनें।
सूर्य देव को जल में कुमकुम मिलाकर अर्घ्य दें।
हनुमान जी को सिंदूर, लाल फूल और लाल फल अर्पित करें।
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें।
पंचोपचार पूजन करें और भक्ति भाव से मंत्र जाप करें।
मंगल शांति के लिए प्रभावी मंत्र
हनुमान जी के इन मंत्रों का नियमित जाप मंगल दोष को शांत करता है:
- ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्रीरामदूताय नमः
- ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय महाबलाय रामदूताय स्वाहा
- ॐ नमो हनुमते सर्वशत्रुसंहरणाय सर्वरोगहराय रामदूताय स्वाहा
इन मंत्रों का 108 बार जप करने से भय, रोग और बाधाएं दूर होती हैं।
जीवन पर पड़ता है सकारात्मक असर
हनुमान जी की नियमित पूजा से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है, मानसिक शक्ति मजबूत होती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव से साहस, निर्णय क्षमता और कार्यों में सफलता मिलती है।
क्यों जरूरी है हनुमान भक्ति?
वर्तमान समय में तनाव, अस्थिरता और संघर्ष आम हो गए हैं। ऐसे में हनुमान जी की उपासना मन को स्थिरता देती है और कर्मों में गति लाती है। मंगल की अंतर्दशा में यह भक्ति व्यक्ति को टूटने नहीं देती, बल्कि उसे लड़ने की शक्ति देती है।
अस्वीकरण:
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय परंपराओं और सामान्य स्रोतों पर आधारित है। गाम घर किसी भी प्रकार के अंधविश्वास का समर्थन नहीं करता। पाठकों से अनुरोध है कि इसे अंतिम सत्य न मानें और अपने विवेक का उपयोग करें।





