जल्द बदलेगा प्रधानमंत्री कार्यालय का पता, सेवा तीर्थ परिसर में होगा पीएमओ
जल्द बदलने जा रहा प्रधानमंत्री कार्यालय का पता, सेवा तीर्थ परिसर में होगा नया पीएमओ

नई दिल्ली : देश की सत्ता का केंद्र माने जाने वाला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) जल्द ही अपने ऐतिहासिक पते से शिफ्ट होने जा रहा है। आज़ादी के बाद से अब तक साउथ ब्लॉक में स्थित पीएमओ का पता बदलकर अब सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने नए अत्याधुनिक परिसर “सेवा तीर्थ” में किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, नए कार्यालय का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसी महीने शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
नया पीएमओ रायसीना हिल के नीचे, विजय चौक के नजदीक बने सेवा तीर्थ परिसर में स्थापित किया गया है। इस परिसर में तीन हाईटेक इमारतें बनाई गई हैं — सेवा तीर्थ 1, सेवा तीर्थ 2 और सेवा तीर्थ 3। इनमें सेवा तीर्थ 1 में प्रधानमंत्री कार्यालय, सेवा तीर्थ 2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ 3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय होगा, जहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल बैठेंगे। कैबिनेट सचिवालय पहले ही यहां शिफ्ट हो चुका है।
सेंट्रल विस्टा परियोजना का अहम हिस्सा
सेवा तीर्थ परिसर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। इस परियोजना के तहत नया संसद भवन, उपराष्ट्रपति एन्क्लेव और आठ नए कर्तव्य भवन बनाए जा रहे हैं, जिनमें से तीन बनकर तैयार हो चुके हैं और कई मंत्रालय वहां काम भी शुरू कर चुके हैं।

नाम भी बदला गया
इस परिसर का नाम पहले “एक्जीक्यूटिव एन्क्लेव” रखा गया था, लेकिन दिसंबर में इसे बदलकर “सेवा तीर्थ परिसर” कर दिया गया। इसी क्रम में देशभर में राजभवनों के नाम बदलकर लोक भवन रखने का निर्णय भी लिया गया था। सेवा तीर्थ परिसर के बगल में ही नए प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी जारी है। इसके पूरा होते ही प्रधानमंत्री निवास को भी 7 लोक कल्याण मार्ग से यहां शिफ्ट किया जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया पीएमओ
नया पीएमओ पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें अतिथियों से मिलने के लिए अत्याधुनिक बैठक कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें भारतीय संस्कृति और विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी। कैबिनेट बैठकों के लिए विशेष कक्ष बनाए गए हैं और अधिकारियों के लिए ओपन फ्लोर सिस्टम रखा गया है, ताकि विभागों के बीच बेहतर समन्वय हो सके और निर्णय प्रक्रिया तेज हो।
ऐतिहासिक इमारतों का नया उपयोग
साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारतों को खाली किए जाने के बाद वहां युगे युगीन भारत संग्रहालय विकसित किया जाएगा। इससे देश की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का एक नया केंद्र बनेगा।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री कार्यालय का सेवा तीर्थ परिसर में शिफ्ट होना सिर्फ एक स्थान परिवर्तन नहीं बल्कि भारत के प्रशासनिक ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे शासन प्रणाली अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समन्वित बन सकेगी।
नोट: इस पोस्ट में Amazon Affiliate लिंक हो सकते हैं।






