समस्तीपुर : जिला प्राथमिक शिक्षक संघ और जिला शिक्षा विभाग के बीच लंबित समस्याओं को लेकर अहम वार्ता आयोजित की गई। यह बैठक डीपीओ (स्थापना) कुमार सत्यम की अध्यक्षता में हुई, जिसमें संघ के प्रतिनिधियों ने शिक्षकों से जुड़ी 32 सूत्री मांगों को विस्तार से रखा और उनके शीघ्र समाधान की मांग की। लगभग तीन घंटे तक चली इस बैठक में विभिन्न मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई और विभाग की ओर से समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
संघ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रधान सचिव अनिल कुमार ने किया। उनके साथ संगठन के अध्यक्ष अनन्त कुमार राय, उप प्रधान सचिव संजीव कुमार जायसवाल, रमेश रजक, कोषाध्यक्ष अरविन्द कुमार, संजय कुमार तथा चंदन कुमार चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में डीपीओ, सर्व शिक्षा अभियान मो. जमालुद्दीन तथा डीपीओ, माध्यमिक शिक्षा प्रेमशंकर झा भी उपस्थित थे।
वार्ता के दौरान शिक्षकों की प्रमुख मांगों में एसीपी और एमएसीपी से वंचित शिक्षकों को लाभ देने का मुद्दा प्रमुख रहा। संघ ने कहा कि कई शिक्षक वर्षों की सेवा के बावजूद इन लाभों से वंचित हैं, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है। इसके अलावा प्रधानाध्यापक एवं स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान में पात्र शिक्षकों को शीघ्र प्रोन्नति देने और पदस्थापन से पहले उनसे तीन विद्यालयों का विकल्प लेने की मांग भी उठाई गई।
संघ ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को समय पर सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी रखी। प्रतिनिधियों ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य देयकों के भुगतान में हो रही देरी से सेवानिवृत्त शिक्षक आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। एक ही विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को समान दर से आवास भत्ता दिए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
विशिष्ट शिक्षकों और प्रधान शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण के लिए विशेष कैंप आयोजित करने तथा विद्यालय अध्यापकों की सेवा पुस्तिका खोलने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। संघ ने यह भी मांग की कि सभी कोटि के शिक्षकों को देय बकाया राशि का भुगतान एक पखवाड़े के भीतर किया जाए।
बैठक में 2016 से पूर्व साहित्यालंकार की डिग्री प्राप्त शिक्षकों को भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति देने का मुद्दा भी प्रमुख रहा। संघ का कहना था कि ऐसे शिक्षक लंबे समय से अपने हक की प्रतीक्षा कर रहे हैं और विभाग को इस दिशा में त्वरित निर्णय लेना चाहिए।
डीपीओ स्थापना कुमार सत्यम ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि विभाग नियमानुसार और निर्धारित समय-सीमा के भीतर समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि लंबित मामलों की समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला। संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि विभाग अपने आश्वासन पर खरा उतरेगा और शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा। वहीं विभागीय अधिकारियों ने भी शिक्षकों के सहयोग की अपेक्षा जताई, ताकि शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।





