Sheohar शिवहर : शिवहर जिले के पिपराही थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस ने बड़े पैमाने पर छापेमारी कर एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया। धनकौल चेकपोस्ट पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने 8 किलो 750 ग्राम गांजा, तीन मोबाइल फोन और एक स्कूटी बरामद की। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद पुलिस एवं एसएसबी जवानों ने संयुक्त रूप से तत्काल जांच अभियान चलाया।
घटना कैसे हुई—
पिपराही थाना प्रभारी उमाकांत सिंह को रविवार दोपहर गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति सीतामढ़ी की ओर से स्कूटी पर भारी मात्रा में गांजा लेकर धनकौल की तरफ आ रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम के साथ धनकौल चेकपोस्ट पर विशेष निगरानी शुरू कर दी।
जाँच अभियान के दौरान पुलिस टीम को एक संदिग्ध स्कूटी सवार युवक आता दिखाई दिया। पुलिस नाकेबंदी देखकर वह घबरा गया और स्कूटी मोड़कर भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन पुलिस और एसएसबी जवानों ने तुरंत पीछा किया और कुछ दूर पर उसे पकड़ लिया।
क्या-क्या बरामद हुआ—
तलाशी के दौरान युवक के पास से 8.75 किलो गांजा बरामद किया गया। इसके साथ ही उसके पास से तीन मोबाइल फोन और एक स्कूटी भी मिली, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। बरामद गांजे की मात्रा को देखते हुए पुलिस इसे एक बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा मान रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान—
गिरफ्तार युवक का नाम हेमचंद्र गिरी है, जो देकुली धर्मपुर (पिपराही) का निवासी है। उसके पिता स्वर्गीय राम पुकार गिरी थे। प्रारंभिक पूछताछ में हेमचंद्र गिरी ने स्वीकार किया है कि वह कुछ दिनों से सीतामढ़ी और शिवहर के सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था। पुलिस उससे नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की जानकारी लेने में जुटी है।
एसपी का बयान—
शिवहर एसपी शैलेश कुमार सिन्हा ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। गुप्त सूचना पर की गई यह कार्रवाई पुलिस टीम की तत्परता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि तस्कर के पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने यह भी कहा कि जिले के सीमावर्ती इलाकों में चेकिंग को और कड़ा किया जाएगा ताकि ऐसी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जा सके।
एफआईआर दर्ज, आगे की जांच जारी—
पुलिस ने इस मामले में NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद गांजा कहाँ से लाया गया था और इसका आगे कहाँ सप्लाई किया जाना था।
अभियान का असर—
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। क्षेत्र में मादक पदार्थों की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है। पुलिस का मानना है कि बड़ी मात्रा में गांजा पकड़े जाने से तस्करी पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा और इससे जुड़े कई नेटवर्क जल्द ही बेनकाब हो सकते हैं।
धनकौल चेकपोस्ट पर हुई यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस की सख्ती और निरंतर अभियान से मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।





