सलमा सुल्तान ह’त्याकांड: बॉयफ्रेंड की हरकत से अदालत सन्न
सलमा सुल्तान ह'त्याकांड: बॉयफ्रेंड के एक हाथ में ला'श, दूसरे में सिगरेट… गवाह के बयान से अदालत में सनसनी
नई दिल्ली : न्यूज एंकर सलमा सुल्तान की निर्मम ह’त्या से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। साल 2018 में हुई इस ह’त्या की सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह के बयान ने अदालत को हिला कर रख दिया। कोरबा के विशेष सत्र न्यायालय में पेश गवाह डिंपल सिंह (काल्पनिक नाम) ने बताया कि ह’त्या के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने बेहद खौफनाक और अमानवीय व्यवहार किया था।
गवाह के मुताबिक, सलमा की ह’त्या करने के बाद मधुर साहू ने उसके श’व को बाएं हाथ से गोद में ले रखा था और दाहिने हाथ से सिगरेट पीते हुए गाना गा रहा था— “तुझसे नाराज़ नहीं ज़िंदगी, हैरान हूं मैं…”। यह वही गाना था जो सलमा को बेहद पसंद था। यह बयान सुनते ही कोर्ट में मौजूद सभी लोग सन्न रह गए।
प्रेम, शक और हिंसा की कहानी
गवाह ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करती थी, जहां मधुर साहू ट्रेनर था। मधुर ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। बाद में जब उसने कंप्यूटर में मधुर की दूसरी लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं तो उसने उससे रिश्ता तोड़ने का फैसला किया। इस पर मधुर ने उसे बदनाम करने की धमकी देकर चुप करा दिया।
गवाह के अनुसार, मधुर के सलमा सुल्तान समेत कई युवतियों से संबंध थे। सलमा और मधुर शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रहते थे। सलमा को मधुर की गतिविधियों पर शक था, जिसको लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।
ह’त्या का दिन
गवाह ने बताया कि अक्टूबर 2018 में दशहरे के एक-दो दिन बाद सलमा ने उसे अपने घर बुलाया था। उसी दिन सलमा और मधुर के बीच तीखी बहस हुई। बहस इतनी बढ़ी कि मधुर ने सलमा को पीटना शुरू कर दिया और गला दबाकर दीवार से टांग दिया। सलमा छटपटाने लगी और उसके नाखून से मधुर की गर्दन पर खरोंच भी आई।
डिंपल और घरेलू सहायिका सविता ने बीच-बचाव कर किसी तरह सलमा को छुड़ाया, लेकिन थोड़ी देर बाद मधुर ने दोबारा हमला कर दिया। उसी दौरान कर्मचारी कौशल श्रीवास भी वहां पहुंच गया। गवाह के अनुसार, जब वह और दूसरी महिला बाहर आईं तो देखा कि मधुर सलमा के ऊपर बैठकर उसका गला दबा रहा था और कौशल तकिए से उसका मुंह दबाए हुए था। डर के मारे वे मदद के लिए भागना चाहती थीं, लेकिन उन्हें जान से मारने की धमकी देकर रोक लिया गया।
सबूत मिटाने की साजिश
ह’त्या के बाद मधुर और उसके साथियों ने सलमा के श’व को ठिकाने लगाने की साजिश रची। गवाह के मुताबिक, सलमा की स्कूटी उसके घर छोड़ना, मोबाइल से फर्जी संदेश भेजना और रेलवे स्टेशन पर फोन बंद करना—सब कुछ प्लान के तहत किया गया ताकि लगे कि सलमा खुद कहीं चली गई है।
डर और धमकी के कारण गवाह तुरंत पुलिस को सच्चाई नहीं बता सकी। मानसिक आघात इतना गहरा था कि उसने आत्मह’त्या तक का प्रयास किया। बाद में जब जांच आगे बढ़ी तो मामला खुलता चला गया।
श’व की बरामदगी और गिरफ्तारी
सलमा के लापता होने की रिपोर्ट 2019 में दर्ज हुई थी। 2022–23 में गवाहों के बयान और पुलिस जांच से ह’त्या की पुष्टि हुई। वर्ष 2023 में फोरलेन सड़क के नीचे दबे शव को निकाला गया, जिसकी पहचान सलमा सुल्तान के रूप में हुई। इसके बाद मधुर साहू, कौशल श्रीवास और अतुल शर्मा को गिरफ्तार किया गया।
हालांकि बाद में चार्जशीट दाखिल होने और ट्रायल लंबित होने के आधार पर तीनों को जमानत मिल गई। फिलहाल केस की सुनवाई जारी है।
‘दृश्यम’ जैसी कहानी
यह मामला चर्चित फिल्म दृश्यम की तरह साजिश और सबूत छिपाने की कहानी बन गया है। श’व को पहले एक जगह दफनाया गया और फिर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। संयोग से सड़क चौड़ीकरण के दौरान पुलिस को श’व मिला और पूरा राज खुल गया।
सलमा सुल्तान ह’त्याकांड न सिर्फ एक प्रेम-त्रासदी है, बल्कि यह दिखाता है कि लालच, धोखा और हिंसा किस हद तक इंसान को अमानवीय बना सकते हैं। अदालत में गवाह के बयान से यह साफ हो गया है कि यह हत्या सुनियोजित और बेहद बेरहमी से की गई थी।





