समस्तीपुर : जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) बिहार नवनिर्माण यात्रा के तहत शुक्रवार को समस्तीपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों और आश्वासनों को हर हाल में पूरा करना होगा। यदि सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करती है तो जन सुराज आंदोलन करेगा और जनता के साथ मिलकर सत्ता छोड़ने पर मजबूर करेगा।
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता से जो वादे किए गए थे, वे सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि जनता के साथ किया गया एक सामाजिक और नैतिक अनुबंध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कई मुद्दों पर लोगों को भरोसा दिलाया, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित काम नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वादाखिलाफी करती है तो लोकतांत्रिक तरीके से जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
बिहार नवनिर्माण यात्रा के उद्देश्य पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह यात्रा राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दों को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए निकाली जा रही है। उनका दावा था कि बिहार में बुनियादी बदलाव की जरूरत है और इसके लिए जनता की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
इस दौरान प्रशांत किशोर ने सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा यह कहा जाना कि “आप चुनाव हार गए हैं तो यहां क्यों आए हैं” उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय मांगना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। “यदि किसी के साथ अन्याय होगा तो वह अदालत ही जाएगा। चुनाव जीतना या हारना अलग बात है, लेकिन न्याय की मांग करना अलग विषय है,” उन्होंने कहा।
प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है। यदि जनता के मुद्दों की अनदेखी की जाएगी तो जन सुराज सड़क से सदन तक संघर्ष करेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएं।
समस्तीपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिले सहित पूरे बिहार में विकास की गति तेज करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जन सुराज किसी एक चुनाव तक सीमित पहल नहीं है, बल्कि यह दीर्घकालिक परिवर्तन की प्रक्रिया है।
बिहार नवनिर्माण यात्रा के आगामी चरणों में प्रशांत किशोर अन्य जिलों का भी दौरा करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी यह यात्रा राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकती है।




