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पटना में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी 90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती समारोह संपन्न

पटना में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी का 90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती समारोह धूमधाम से संपन्न

पटना : Prajapita Brahma Kumaris Ishwariya Vishwa Vidyalaya की ओर से पटना में 90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती समारोह बड़े उत्साह, आध्यात्मिक ऊर्जा और भव्य आयोजन के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।

समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और शिव ध्वजारोहण के साथ हुई। पूरे परिसर में भक्ति, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का आयोजन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पटना इकाई द्वारा किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व डीजीपी एस.के. भारद्वाज उपस्थित रहे। उन्होंने संस्था के समाज में सकारात्मक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संगठन आध्यात्मिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और भी बढ़ गई है, जो समाज को सही दिशा दे सकें।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी उदय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति के पर्व और त्योहारों को जीवंत बनाए रखने में ब्रह्माकुमारी संस्था का विशेष योगदान है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण और प्रसार से समाज में संतुलन और सद्भाव बना रहता है।

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पटना सब जोन की प्रभारी बीके संगीता ने शिव जयंती के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष के 365 दिनों में कोई न कोई उत्सव होता है, लेकिन पर्व और त्योहार में अंतर समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि त्योहार उत्सव से जुड़ा होता है, जबकि पर्व विधि-विधान और आध्यात्मिक अनुशासन के साथ मनाया जाता है।

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उन्होंने कर्म की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। स्वार्थ और बुराइयों से ऊपर उठकर किया गया कर्म ही इंसान को पुण्य का भागी बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य के भीतर देवत्व छिपा होता है और सही आचरण तथा सकारात्मक सोच से वह इसे जागृत कर सकता है।

बीके ज्योति ने कहा कि शिव सुख, शांति, आनंद और करुणा के सागर हैं। महाशिवरात्रि का वास्तविक अर्थ अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर आत्मशुद्धि करना है। उन्होंने कहा कि परमपिता शिव सर्वशक्तियों के स्रोत हैं और राजयोग ध्यान के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर परखने, निर्णय लेने, सहयोग, सहने और सामना करने की शक्तियों का विकास कर सकता है।

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कार्यक्रम में पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय कुमार, राष्ट्रीय जनता दल की नेता मधु मंजूरी, समाजसेवी प्रिया सिंह, प्रेम सिंह, जनता दल (यू) की प्रदेश महासचिव निखिता तिवारी, सिटीजन ग्रुप के एमडी चंदन कुमार, समाजसेवी विनय पाठक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि ब्रह्माकुमारी संस्था की शिक्षाओं में राजयोग ध्यान पर विशेष बल दिया जाता है। इसके माध्यम से काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या और आलस्य जैसे विकारों पर नियंत्रण पाने की प्रेरणा दी जाती है। समारोह का समापन “ॐ नमः शिवाय” और “ओम शांति” के सामूहिक उच्चारण के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

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