पटना : जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बुधवार को पटना एयरपोर्ट सभागार में ‘विमानपत्तन पर्यावरण प्रबंधन समिति (AEMC)’ की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त व समिति के अध्यक्ष श्री अनिमेष कुमार पराशर ने की। उन्होंने एयरपोर्ट के सुरक्षित संचालन और पर्यावरणीय मानकों के पालन को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
सुरक्षित एयर ट्रैफिक प्रशासन की पहली जिम्मेदारी: प्रमंडलीय आयुक्त
आयुक्त ने कहा कि एयरपोर्ट अत्यंत संवेदनशील सार्वजनिक सुविधा केंद्र है जहाँ यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर दिया कि हवाई यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों और स्टेकहोल्डर्स के बीच समन्वय और मजबूत संवाद आवश्यक है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गृह मंत्रालय और DGCA द्वारा तय मानकों के अनुसार पर्यावरण प्रबंधन, कचरा निस्तारण, संरचनात्मक सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर निरंतर कार्रवाई की जाए।
10 से 15 किमी के दायरे में स्वच्छता, कचरा निस्तारण और अतिक्रमण हटाने के निर्देश
आयुक्त ने हवाई अड्डे के आस-पास 10 किमी की त्रिज्या में दुकानों के संचालन और कूड़े के निस्तारण को लेकर नगर निकायों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।
उन्होंने साफ कहा:
- खुले में मांस-मछली की दुकानों का संचालन एयरक्राफ्ट सुरक्षा और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए खतरा है।
- बर्ड हिट की घटनाओं से बचने हेतु ऐसे स्रोतों को तुरंत हटाया जाए।
- नियम 91, Aircraft Rules 1937 के अनुसार दुकानों और कचरा प्रबंधन की SOP लागू की जाए।
फुलवारीशरीफ नगर परिषद ने बैठक में बताया कि एयरपोर्ट के आसपास अवैध मांस-मछली की दुकानों को हटाया जा चुका है और संबंधित स्थान को नो-वेंडिंग ज़ोन घोषित कर दिया गया है।
यारपुर गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन 26 जनवरी तक क्रियाशील करने का निर्देश
नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि यारपुर में नए गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण तेज़ी से चल रहा है। इस पर आयुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यह स्टेशन 26 जनवरी 2026 तक हर हाल में कार्यरत हो जाए ताकि गंदगी और कूड़े के कारण होने वाले जोखिम खत्म हों।
वन विभाग को पेड़ों की छँटाई और अवरोध हटाने का आदेश
DGCA के मानकों के अनुसार उड़ान पथ में आने वाले पेड़ों और अवरोधों को हटाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया।
आयुक्त ने वन विभाग को:
- एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 के तहत
- Obstacle Limitation Survey के अनुसार
पेड़ों की समयबद्ध छँटाई और बाधाएँ हटाने का निर्देश दिया।
CAT-I लाइटिंग, DVOR और OLS सर्वे पर त्वरित कार्रवाई
आयुक्त ने संबंधित विभागों को CAT-I लाइट सिस्टम के अधिष्ठापन, DVOR कमिशनिंग और OLS सर्वे के आधार पर पेड़ों की छँटाई कार्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि उड़ानों की सुरक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए।
आवारा कुत्तों पर नियंत्रण और सफाई अभियान तेज़ करने का आदेश
नूतन राजधानी अंचल को एयरपोर्ट परिसर से आवारा कुत्तों को हटाने के लिए नियमित अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
साथ ही नगर निगम और नगर विकास विभाग को पूरे एयरपोर्ट इलाके में नियमित सफाई, सुदृढ़ ड्रेनेज सिस्टम और जलजमाव रोकने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में जिलाधिकारी पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम., नगर आयुक्त यशपाल मीणा, निदेशक नागर विमानन विभाग चंद्र प्रताप द्विवेदी, संजय गांधी जैविक उद्यान निदेशक, CISF, भारतीय वायुसेना, पथ निर्माण विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग, पुलिस एवं यातायात विभाग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य संदेश यह रहा कि पटना एयरपोर्ट की सुरक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से जरूरी कदम उठाने होंगे।





