नेपाल बस हादसा: त्रिशूली नदी में गिरी, 18 मृ’त
नेपाल में भीषण सड़क हादसा: पोखरा–काठमांडू बस त्रिशूली नदी में गिरी, 18 की मौ'त, 25 घायल

काठमांडू/रक्सौल : पड़ोसी देश नेपाल में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौ’त हो गई, जबकि 25 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा रात करीब 1:15 बजे हुआ, जब पर्यटकीय शहर पोखरा से राजधानी काठमांडू जा रही एक यात्री बस धादिंग जिले के चरौदी चौक के पास चिनाधारा इलाके में अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी में जा गिरी।
यह हादसा भारत-नेपाल सीमा से लगभग 150 किलोमीटर दूर हुआ है। जानकारी के अनुसार, बस घुमावदार और जर्जर सड़क से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि उस मार्ग पर मरम्मत कार्य जारी था और सड़क की स्थिति बेहद खराब थी। आशंका है कि बस चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे वाहन सीधे नदी में जा गिरा। नदी में गिरते ही बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
धादिंग जिला यातायात कार्यालय के प्रमुख शिशिर थापा ने बताया कि दुर्घटना की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बस में मानक से अधिक सवारियां हो सकती हैं। पोखरा बस डिपो से जारी सूची में 28 यात्रियों के नाम दर्ज हैं, जिनमें एक चीनी नागरिक और 27 नेपाली यात्री शामिल बताए गए हैं। हालांकि स्थानीय प्रशासन को संदेह है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है।
देर रात हादसा होने के कारण राहत और बचाव कार्य में शुरुआती कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही नेपाल पुलिस, सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। अंधेरा और नदी का तेज बहाव बचाव कार्य में बाधा बन रहा था, फिर भी गोताखोरों और राहतकर्मियों ने घंटों मशक्कत कर श’वों को बाहर निकाला और घायलों को सुरक्षित निकाला। घायलों को धादिंग और काठमांडू के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस अचानक डगमगाई और कुछ ही पलों में नदी में समा गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और बचाव कार्य में सहयोग किया। हादसे के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
नेपाल सरकार ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि दुर्घटना का मुख्य कारण सड़क की खराब स्थिति थी, चालक की लापरवाही या ओवरलोडिंग। यदि बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार पाए जाते हैं, तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर करता है। नेपाल में अक्सर खराब सड़कों और तीखे मोड़ों के कारण सड़क दुर्घटनाएं होती रही हैं। फिलहाल प्रशासन राहत और जांच कार्य में जुटा है, जबकि मृ’तकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।




