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Muslim writer : “अन्यत्रित दृष्टिकोण में एक कहानीकार की महाभारत”

कलाकारी और विस्तार: बीआर चोपड़ा ने उस मुस्लिम लेखक को 'महाभारत' लिखने की जिम्मेदारी दी थी क्यों ? जानने के लिए पढ़े पूरी खवर 

Story Highlights
  • Mahabharata
फोटो साभार सोशल मीडिया

इतिहास के पन्ने: बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ (Mahabharata) एक ऐतिहासिक टेलीविजन सीरियल है जो 1988 में प्रसारित हुई थी। इस सीरियल ने अपने नाटकीय गुणधर्म, गार्ड और शैली के लिए प्रशंसकों का दिल जीत लिया था। यह कहानी महाभारत के प्रमुख कथाओं, चरित्रों, और उनके युद्धों को दर्शाती है।

राही मासूम रजा ने इस सीरियल की कहानी लिखी थी, जो कि एक मुस्लिम लेखक थे। उन्होंने अपनी लेखनी से इस कथा को जीवंत किया और उसको टेलीविजन माध्यमों से दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया। राही मासूम रजा के श्रेय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह था कि उन्होंने ‘महाभारत’ के नरेशन को एक नए और उत्कृष्ट दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया था, जो दर्शकों को गहरे सम्बन्ध में ले गया।

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दिलीप कुमार के नाम पर भी चल रहा था विचार

बीआर चोपड़ा ने ‘महाभारत’ की तैयारी में महत्वपूर्ण रोल निभाया था। उन्होंने पहले ही काफी रिसर्च की थी और उत्कृष्ट नरेशन करने वाले व्यक्ति की तलाश में थे। बहुत से लोगों ने उन्हें सलाह दी थी कि वे दिलीप कुमार से नरेशन करवा लें, क्योंकि दिलीप कुमार एक प्रमुख अभिनेता और उनका अनुभव नाटकीय तथा धारावाहिक कला में विशेष था। बीआर चोपड़ा ने इस बात की खुद जानकारी दी थी, जिससे पता चलता है कि उन्होंने अपनी योजना में इस बड़े नाम के इस्तेमाल करने का विचार किया था।

कैसे  हुई राही और बीआर चोपड़ा की मुलाकात
बीआर चोपड़ा (BR Chopra) ने बताया कि उन्हें किसी ने सुझाव दिया था कि ‘महाभारत’ के नारेशन के लिए वे एनटी रामाराव को भी ले सकते हैं। लेकिन इससे पहले कि बीआर चोपड़ा कुछ निर्णय लें पते कि, उनके घर राही मासूम रजा आ पहुंचे। राही ने उनसे मिलकर कहा, “आपने नरेशन के बारे में सोचा?, मैंने भी सोचा हु और मैं आपको कुछ सुनाना चाहता हूं, कुछ लिखकर लाया हूं।” यह मुलाकात बीआर चोपड़ा के लिए एक महत्वपूर्ण पल थी, जो नरेशन के प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गई।

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क्यों हुए थे इम्प्रेस
बीआर चोपड़ा को राही मासूम रजा के अद्भुत लेखन से वाक़िफ होकर हैरानी हुए। वे उन्हें लाइन सुनाने की परमिशन देने में सहमत हुए। चोपड़ा ने बताया कि राही मासूम रजा की पहली लाइन, “मैं समय हूं,” सुनते ही, उन्होंने सभी बाधाओं को देखकर तय किया कि सीरियल का नरेशन उन्हीं को करना चाहिए। इस अद्वितीय और गहन लेखन के बाद, उन्होंने यह निर्णय लिया कि ‘महाभारत’ की लेखनी का जिम्मा भी राही मासूम रजा को ही सौंपा जाना चाहिए।

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बीआर चोपड़ा ने राही मासूम रजा के लिखे हुए कथानक को सुनकर उसके गुणों को पहचाना और उसे सीरियल के नरेशन के रूप में स्वीकार किया। राही मासूम रजा के लेखन की महत्वपूर्ण भूमिका ने ‘महाभारत’ को एक अद्वितीय और प्रेरणादायक अनुभव बना दिया।

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बीआर चोपड़ा और उनकी टीम ने राही मासूम रजा के लेखन को महाभारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा है। उन्होंने इस सीरियल को एक महान और स्मरणीय कथा के रूप में बनाया जो दर्शकों के दिलों में स्थायी रूप से बस गया है।

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