
पटना : भोजपुरी फिल्म अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने राजनीति से दूरी बनाने का संकेत देते हुए कहा है कि राजनीति उनके जैसे ईमानदार लोगों के लिए नहीं है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में छपरा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर हार के बाद खेसारी का दर्द शनिवार को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में छलका।
खेसारी लाल यादव ने कहा, “मैं कलाकार ही ठीक हूं। राजनीति में वही लोग टिक पाते हैं जो झूठ बोलना जानते हैं, लोगों को गुमराह करना जानते हैं। मैं हमेशा सच के साथ खड़ा रहा हूं, इसलिए राजनीति मेरे लिए नहीं है।” उन्होंने कहा कि अगर झूठे वादे करना और लोगों को भ्रमित करना आता, तो शायद वे राजनीति में सफल हो सकते थे।
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उन्होंने भाजपा के पूर्व सांसद और भोजपुरी कलाकार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ पर भी पलटवार किया। खेसारी ने कहा, “मैं भाजपा के लायक हूं या नहीं, यह निरहुआ तय नहीं करेंगे। वो कोई भाजपा के अध्यक्ष नहीं हैं। उन्हें यह भी नहीं पता कि मुझे भाजपा से कितने ऑफर मिले हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी पार्टी में शामिल होने का फैसला निजी सोच और आत्मसम्मान के आधार पर लिया है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में निरहुआ ने कहा था कि खेसारी लाल यादव भाजपा के लायक नहीं हैं, क्योंकि उनकी सोच गलत है। इसी बयान के जवाब में खेसारी ने यह प्रतिक्रिया दी।
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बिहार छोड़कर मुंबई में रहने को लेकर उठने वाले सवालों पर खेसारी ने कहा कि बिहार में फिल्म इंडस्ट्री के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा नहीं है। “छपरा में फिल्म सिटी नहीं है, बिहार में काम के मौके सीमित हैं। परिवार मुंबई में रहता है और रोज़ी-रोटी के लिए वहीं जाना पड़ता है। अगर बिहार में फिल्म सिटी होती, तो हमें बाहर क्यों जाना पड़ता?” उन्होंने सवाल उठाया।
चुनाव में हार पर प्रतिक्रिया देते हुए खेसारी ने कहा कि जनता को शायद बदलाव की जरूरत महसूस नहीं हो रही है। “अगर लोग मौजूदा सरकार से खुश हैं, तो यह उनका अधिकार है। लेकिन अगर अपने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाना है, तो बेहतर विकल्प चुनना होगा,” उन्होंने कहा।
लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव के परिवार पर आरोप तय होने को लेकर खेसारी ने संवेदनशील टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस उम्र में लालू जी हैं, उस उम्र में उन्हें ऐसे मामलों से नहीं गुजरना चाहिए। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने पिछड़े और गरीब तबके को आवाज दी, उन्हें बोलने और सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिलाया।
उन्होंने एनडीए सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए किसी पर भी आरोप लगाना आसान हो जाता है। “जब आपके पास सत्ता नहीं होती, तो सही भी गलत साबित हो जाता है,” खेसारी ने कहा।
इस बयान से साफ है कि खेसारी लाल यादव फिलहाल राजनीति से दूरी बनाकर कला और समाज से जुड़े रहने को ही अपनी प्राथमिकता मान रहे हैं।




