समस्तीपुर, विद्यापतिनगर : प्रखंड मुख्यालय स्थित विद्यापतिधाम रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे रेलवे की भूमि पर वर्षों से किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए सोमवार को रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। रेल पुलिस, स्थानीय पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे बनी स्थायी और अस्थायी दुकानों तथा कुछ अवैध निर्माणों को बुलडोजर की मदद से हटाया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
इस अभियान की निगरानी मजिस्ट्रेट के रूप में प्रभारी अंचल अधिकारी अरुण कुमार शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि रेलवे प्रशासन की ओर से करीब 70 अतिक्रमणकारियों को एक सप्ताह पहले ही नोटिस जारी कर रेलवे की भूमि खाली करने का निर्देश दिया गया था। नोटिस की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद जिन लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाकर भूमि खाली कराई गई। हालांकि, कई दुकानदारों ने प्रशासन की चेतावनी के बाद स्वेच्छा से अपनी दुकानें हटा ली थीं।
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि खाली कराई गई रेलवे भूमि पर दोबारा अतिक्रमण करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है।
बताया गया कि स्मारक चौक से रेलवे स्टेशन तक जाने वाली मुख्य सड़क के दोनों किनारों पर लंबे समय से अवैध रूप से दुकानें लगाई जा रही थीं। कई दुकानदारों ने अस्थायी ढांचे के साथ स्थायी निर्माण भी कर लिया था, जिससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई थी। इसके कारण रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को रोजाना जाम और असुविधा का सामना करना पड़ता था।
इस मार्ग से प्रसिद्ध उगना महादेव मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भी गुजरते हैं। विशेष रूप से श्रावणी मेला और अन्य धार्मिक अवसरों पर सैकड़ों श्रद्धालुओं के आने से स्थिति और गंभीर हो जाती थी, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता था।
स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से अतिक्रमण हटाने की मांग की जा रही थी। सोमवार को हुई इस कार्रवाई के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी रेलवे भूमि पर किसी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




