रोहतास (बिहार) : जिले में एक साथ पांच लोगों की मौ’त की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) प्रभात कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने संबंधित गांवों का दौरा कर वास्तविक स्थिति की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा है कि सभी मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर रोहतास जिले के अलग-अलग गांवों में पांच लोगों की संदिग्ध मौत की खबर तेजी से फैल रही थी। इसके बाद प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और जांच के लिए टीम गठित की गई। टीम में एसडीपीओ सिंधु शेखर सिंह और सहायक उत्पाद आयुक्त तारिक महमूद भी शामिल थे। अधिकारियों ने नासरीगंज प्रखंड के मठिया और सबदला गांव पहुंचकर मृ’तकों के परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर घटनाओं की जानकारी ली।
जांच के दौरान टीम बिलखुड़िया मठिया गांव निवासी रामपुजन सिंह के घर पहुंची, जहां लल्लू सिंह की मौ’त के मामले की जानकारी ली गई। परिजनों ने बताया कि 14 फरवरी को लल्लू सिंह को कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। उन्हें इलाज के लिए पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए जमुहार रेफर किया गया। हालांकि रास्ते में ही उनकी मौ’त हो गई। प्रशासन इस मामले को मेडिकल आधार पर जांच रहा है।
इसके अलावा नासरीगंज के सबदला गांव में विश्वनाथ सिंह के पुत्र अभिजीत कुमार की मौ’त की भी जांच की गई। परिजनों के अनुसार, घर के अन्य सदस्य तिलक समारोह में शामिल होने गए थे, लेकिन अभिजीत घर पर ही थे। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर प्रशासन सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।
प्रशासन को अन्य दो मौ’तों की भी सूचना मिली है, जिनमें से एक मामला भोजपुर जिले के गरहथा गांव का बताया जा रहा है। इस कारण उस घटना की जांच संबंधित जिले के प्रशासन द्वारा की जाएगी। वहीं अकौढ़ी गोला थाना क्षेत्र में भी दो लोगों की मौत की सूचना मिली है, जिसकी सत्यता की पुष्टि के लिए अधिकारी जानकारी जुटा रहे हैं।
एसडीएम प्रभात कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों की सत्यता की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक सभी मौ’तों के कारण अलग-अलग प्रतीत हो रहे हैं और किसी सामूहिक या एक ही कारण से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से ही करें।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी और यदि किसी भी तरह की लापरवाही या संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।




